🚨 जर्जर विद्यालय भवन में पढ़ने को मजबूर 17 छात्र-छात्राएं, हादसे का खतरा
📍 दुवा, कर्णप्रयाग | चमोली
सरकार भले ही बेहतर शिक्षा व्यवस्था के दावे कर रही हो, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में कई सरकारी विद्यालय आज भी बदहाल भवनों में संचालित हो रहे हैं।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के दूरस्थ दुवा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की हालत बेहद चिंताजनक है। भूस्खलन की चपेट में आने से विद्यालय भवन के पिलर और बरामदा तिरछे होकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं टीनशेड से बने कमरों की छत से बारिश के दौरान पानी टपकता है और लकड़ी भी सड़ने लगी है।
विद्यालय में पढ़ने वाले 17 छात्र-छात्राएं दहशत के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भवन की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सुरक्षित और बेहतर शिक्षा के लिए कई बच्चों को करीब 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। खास बात यह है कि यही विद्यालय गांव का मतदान केंद्र भी है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली आकाश सारस्वत ने कहा कि छात्र संख्या कम होने के कारण विद्यालय भवन का नए सिरे से निर्माण संभव नहीं है। हालांकि अन्य मदों से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया जाएगा, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई की सुविधा मिल सके।
❓ सवाल यह है कि जर्जर भवन में पढ़ रहे इन नौनिहालों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
📹 रिपोर्ट- भानु प्रकाश नेगी
📍 लोकेशन- दुवा, कर्णप्रयाग
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Dehradun, Dehradun | Oct 6, 2026