जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर सूर्यकुंड धाम में विकास कार्य जारी हैं। अब वर्ष 1926 की बाढ़ में दबे प्राचीन सूर्यकुंड को निकालकर संरक्षित करने की तैयारी है, जिसके लिए राशि स्वीकृत कर दी गई है। गुरुवार को चार बजे पूजन के साथ कार्य प्रारंभ होना था, लेकिन केबिनेट मंत्री के शामिल न होने से कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।