खेत से थाली तक: बच्चों ने खुद उगाए मशरूम, मध्याह्न भोजन में किया उपयोग
सोलन। राजकीय प्राथमिक पाठशाला एवं राजकीय उच्च विद्यालय चामत भरेच के विद्यार्थियों ने ऑयस्टर मशरूम की सफल खेती कर लगभग 2 किलोग्राम मशरूम की कटाई कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। विशेष बात यह रही कि मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया में विद्यार्थियों ने स्वयं सक्रिय भागीदारी निभाई और अपनी मेहनत से इस पौष्टिक फसल को तैयार किया। इस गतिविधि का संचालन एवं मार्गदर्शन विद्यालय की अध्यापिका बिंदु महाजन (जेबीटी) ने किया। उन्होंने मशरूम उत्पादन की शुरुआत से लेकर कटाई तक प्रत्येक चरण में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया। बच्चों ने मशरूम बैग तैयार करने, उनकी देखभाल करने और फसल तैयार होने तक सभी कार्यों को उत्साह और लगन के साथ पूरा किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्य अध्यापिका कमलेश ठाकुर, सीएचटी राजेन्द्र सिंह, डिम्पल, हेमराज, उपेन्द्र तथा उमेश एमटीडब्ल्यू ने समय-समय पर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
कटाई के बाद प्राप्त लगभग 2 किलोग्राम ऑयस्टर मशरूम को विद्यालय के मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) में शामिल किया गया। बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ इसका स्वाद लिया। प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर ऑयस्टर मशरूम बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।
अध्यापिका बिंदु महाजन ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषण, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा स्वयं उगाई गई फसल का भोजन में उपयोग होना उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है।
विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में व्यावहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और जीवनोपयोगी कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह पहल ‘सीखते हुए करना’ की अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी हैहेडिंग
Shimla Urban, Shimla | Jun 19, 2026