एडिशनल डीसीपी ने बुधवार 4 बजे बताया की पीड़ित के पास सबसे पहले टेलीकॉम विभाग का कर्मचारी बनकर एक कॉल आया, जिसमें दावा किया गया कि उनके आधार कार्ड पर जारी एक सिम का गलत इस्तेमाल हो रहा है।इसके बाद पीड़ित को डराने के लिए मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने की बात कही गई और उनकी मदद करने के बहाने फर्जी पुलिस अधिकारियों से संपर्क कराया गया।