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ख़बर नंबर 10 http://daliynewsactivist.blogspot.com/2022/06/dnabreaking-news-hardoi.html

Hardoi, Hardoi | Jun 10, 2022

MORE NEWS

सरकारी जमीन और चकमार्ग पर अवैध कब्जे का आरोप, पीड़िता ने बेनीगंज पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

हरदोई कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज के ग्राम मिश्रीपुर मजरा सिकंदरपुर की निवासी प्रेमलता सिंह पत्नी स्वर्गीय लाल सिंह ने स्थानीय पुलिस को शिकायती पत्र देकर सरकारी भूमि एवं चकमार्ग पर अवैध कब्जे तथा मारपीट व धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।शिकायती पत्र के अनुसार प्रेमलता सिंह का खेत गाटा संख्या 2155 में स्थित है। उनका कहना है कि गांव के बिलास पुत्र भैलू, तोता पुत्र भेलू, बाबू पुत्र भवानी, संजय पुत्र बाबू, गुड्डू पुत्र नन्हा आदि के बीच पूर्व में रास्ते को लेकर विवाद था, जिसे ग्राम प्रधान, गांव के वरिष्ठ नागरिकों एवं दोनों पक्षों की मौजूदगी में आपसी सहमति से सुलझाया गया था। समझौते के तहत उन्होंने अपने खेत किनारे से लगभग 10 फीट चौड़ा रास्ता देने पर सहमति जताई थी ताकि चकमार्ग का निर्माण कराया जा सके और ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिल सके।पीड़िता का आरोप है कि समझौते के बाद उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल के आदेश पर अपने खेत की सीमा चिन्हित करने के लिए रस्सी लगाई थी, लेकिन अगले ही दिन कुछ लोगों ने बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर लगाए गए रस्सी एवं खूंटों को उखाड़ दिया। विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज की, मारपीट पर उतारू हो गए तथा जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, पीड़िता का कहना है कि उन्हें एस सी एस टी एक्ट जैसे झूठे मुकदमों में फंसाने की भी धमकी दी गई।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने सरकारी भूमि एवं चकमार्ग गाटा संख्या 2150 पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिसके कारण रास्ते के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कब्जा हटवाने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।इस संबंध में पीड़िता द्वारा थाना बेनीगंज में लिखित शिकायत देकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चकमार्ग को कब्जामुक्त कराने की अपील पर मौके पर पहुंची पुलिस ने विपक्षियों को डांट फटकार लगाई पर विपक्षी किसी भी दबाव को मानने से इनकार करते हुए आये दिन आमादा फौजदारी होने का प्रयास कर रहे है। वहीँ पीड़िता के अनुसार उपरोक्त गाटा संख्या उसका बैनामा किया हुआ पुश्तैनी भूमि खेत है जिसे शासन प्रशासन द्वारा कब्जा मुक्त कराया जाए।

सरकारी जमीन और चकमार्ग पर अवैध कब्जे का आरोप, पीड़िता ने बेनीगंज पुलिस से लगाई न्याय की गुहार हरदोई कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज के ग्राम मिश्रीपुर मजरा सिकंदरपुर की निवासी प्रेमलता सिंह पत्नी स्वर्गीय लाल सिंह ने स्थानीय पुलिस को शिकायती पत्र देकर सरकारी भूमि एवं चकमार्ग पर अवैध कब्जे तथा मारपीट व धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।शिकायती पत्र के अनुसार प्रेमलता सिंह का खेत गाटा संख्या 2155 में स्थित है। उनका कहना है कि गांव के बिलास पुत्र भैलू, तोता पुत्र भेलू, बाबू पुत्र भवानी, संजय पुत्र बाबू, गुड्डू पुत्र नन्हा आदि के बीच पूर्व में रास्ते को लेकर विवाद था, जिसे ग्राम प्रधान, गांव के वरिष्ठ नागरिकों एवं दोनों पक्षों की मौजूदगी में आपसी सहमति से सुलझाया गया था। समझौते के तहत उन्होंने अपने खेत किनारे से लगभग 10 फीट चौड़ा रास्ता देने पर सहमति जताई थी ताकि चकमार्ग का निर्माण कराया जा सके और ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिल सके।पीड़िता का आरोप है कि समझौते के बाद उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल के आदेश पर अपने खेत की सीमा चिन्हित करने के लिए रस्सी लगाई थी, लेकिन अगले ही दिन कुछ लोगों ने बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर लगाए गए रस्सी एवं खूंटों को उखाड़ दिया। विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज की, मारपीट पर उतारू हो गए तथा जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, पीड़िता का कहना है कि उन्हें एस सी एस टी एक्ट जैसे झूठे मुकदमों में फंसाने की भी धमकी दी गई।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने सरकारी भूमि एवं चकमार्ग गाटा संख्या 2150 पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिसके कारण रास्ते के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कब्जा हटवाने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।इस संबंध में पीड़िता द्वारा थाना बेनीगंज में लिखित शिकायत देकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चकमार्ग को कब्जामुक्त कराने की अपील पर मौके पर पहुंची पुलिस ने विपक्षियों को डांट फटकार लगाई पर विपक्षी किसी भी दबाव को मानने से इनकार करते हुए आये दिन आमादा फौजदारी होने का प्रयास कर रहे है। वहीँ पीड़िता के अनुसार उपरोक्त गाटा संख्या उसका बैनामा किया हुआ पुश्तैनी भूमि खेत है जिसे शासन प्रशासन द्वारा कब्जा मुक्त कराया जाए।

Hardoi, Hardoi | Jun 9, 2026

परियल में एसडीएम पर हमले के कई वीडियो आए सामने, महिलाओं को आगे कर पथराव की हकीकत बेनक़ाब 
.
#हरदोई: शाहाबाद क्षेत्र के परियल गांव में एसडीएम पर हुए हमले के मामले में कई वीडियो सामने आए हैं। वायरल हो रहे वीडियो में महिलाओं और अन्य लोगों की भीड़ द्वारा प्रशासनिक टीम का विरोध करते हुए हंगामा और पथराव किए जाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। घटना में एसडीएम शाहाबाद सुशील मिश्रा घायल हो गए थे।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना से पहले एसडीएम बाढ़ चौकी और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान अन्नपूर्णा भवन में परचून की दुकान व आरआरसी सेंटर में खनन करने वालों के अवैध कब्जे की जानकारी लेने के दौरान प्रधान पुत्र से उनकी कहासुनी हो गई। बताया जाता है कि बातचीत के दौरान कथित अभद्र व्यवहार होने पर सुरक्षा कर्मियों ने प्रधान पुत्र को रोक लिया था, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।

आरोप है कि इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाओं और अन्य लोगों को आगे कर प्रशासनिक टीम का घेराव किया गया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और लाठी-डंडों के साथ पथराव शुरू हो गया। वायरल वीडियो में महिलाओं को आगे कर लोगों द्वारा कई बार प्रशासनिक टीम को घेरा गया, आरोप है कि सरकारी वाहन पर हमला कर टीम के लोगों का मोबाईल भी छीन लिया गया।

पथराव के दौरान एक पत्थर एसडीएम सुशील मिश्रा के सिर में लग गया, जिससे वे घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा हमले में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल वायरल वीडियो और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारियों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। डीएम ने पूरे मामले ने निष्पक्ष जाँच कर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
#TheTelecast

परियल में एसडीएम पर हमले के कई वीडियो आए सामने, महिलाओं को आगे कर पथराव की हकीकत बेनक़ाब . #हरदोई: शाहाबाद क्षेत्र के परियल गांव में एसडीएम पर हुए हमले के मामले में कई वीडियो सामने आए हैं। वायरल हो रहे वीडियो में महिलाओं और अन्य लोगों की भीड़ द्वारा प्रशासनिक टीम का विरोध करते हुए हंगामा और पथराव किए जाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। घटना में एसडीएम शाहाबाद सुशील मिश्रा घायल हो गए थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना से पहले एसडीएम बाढ़ चौकी और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान अन्नपूर्णा भवन में परचून की दुकान व आरआरसी सेंटर में खनन करने वालों के अवैध कब्जे की जानकारी लेने के दौरान प्रधान पुत्र से उनकी कहासुनी हो गई। बताया जाता है कि बातचीत के दौरान कथित अभद्र व्यवहार होने पर सुरक्षा कर्मियों ने प्रधान पुत्र को रोक लिया था, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। आरोप है कि इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाओं और अन्य लोगों को आगे कर प्रशासनिक टीम का घेराव किया गया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और लाठी-डंडों के साथ पथराव शुरू हो गया। वायरल वीडियो में महिलाओं को आगे कर लोगों द्वारा कई बार प्रशासनिक टीम को घेरा गया, आरोप है कि सरकारी वाहन पर हमला कर टीम के लोगों का मोबाईल भी छीन लिया गया। पथराव के दौरान एक पत्थर एसडीएम सुशील मिश्रा के सिर में लग गया, जिससे वे घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा हमले में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल वायरल वीडियो और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारियों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। डीएम ने पूरे मामले ने निष्पक्ष जाँच कर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। #TheTelecast

Hardoi, Hardoi | Jun 9, 2026

#लड्डू गोपाल का पैर ही तो टूटा है इसमें रोने की क्या बात है 😁 
#बाजार में और मिल जाएगा दूसरा लेकर आ जाना 😊

पाखंड मुक्त भारत

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

#लड्डू गोपाल का पैर ही तो टूटा है इसमें रोने की क्या बात है 😁 #बाजार में और मिल जाएगा दूसरा लेकर आ जाना 😊 पाखंड मुक्त भारत सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

Hardoi, Hardoi | Jun 8, 2026

7 साल का एक मासूम बच्चा अपनी मां के साथ बस स्टैंड पर खड़ा था। अचानक उसकी मां बेहोश होकर गिर गई। आसपास के लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके।

इसके बाद जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। मासूम बच्चा अपनी मां का शव लेने के लिए अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़ता रहा, लेकिन इलाज का बिल जमा किए बिना शव देने से इनकार कर दिया गया।

जब कुछ सामाजिक संगठनों ने आगे आकर अस्पताल का बकाया चुकाया, तब जाकर बच्चे को उसकी मां का शव मिला। लेकिन उसकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। रिश्तेदारों ने भी अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया।

एक 7 साल का बच्चा अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए मदद का इंतजार करता रहा। आखिरकार जिला प्रशासन आगे आया और सरकारी खर्च पर उसकी मां का अंतिम संस्कार कराया गया।

यह घटना सिर्फ एक बच्चे की बेबसी की कहानी नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है—क्या इंसानियत अब भी जिंदा है?

जिस उम्र में बच्चों को मां की गोद की जरूरत होती है, उस उम्र में यह मासूम अपनी मां को अंतिम विदाई देने के लिए संघर्ष करता रहा। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील इंसान की आंखें नम कर सकता है।

7 साल का एक मासूम बच्चा अपनी मां के साथ बस स्टैंड पर खड़ा था। अचानक उसकी मां बेहोश होकर गिर गई। आसपास के लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके। इसके बाद जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। मासूम बच्चा अपनी मां का शव लेने के लिए अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़ता रहा, लेकिन इलाज का बिल जमा किए बिना शव देने से इनकार कर दिया गया। जब कुछ सामाजिक संगठनों ने आगे आकर अस्पताल का बकाया चुकाया, तब जाकर बच्चे को उसकी मां का शव मिला। लेकिन उसकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। रिश्तेदारों ने भी अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया। एक 7 साल का बच्चा अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए मदद का इंतजार करता रहा। आखिरकार जिला प्रशासन आगे आया और सरकारी खर्च पर उसकी मां का अंतिम संस्कार कराया गया। यह घटना सिर्फ एक बच्चे की बेबसी की कहानी नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है—क्या इंसानियत अब भी जिंदा है? जिस उम्र में बच्चों को मां की गोद की जरूरत होती है, उस उम्र में यह मासूम अपनी मां को अंतिम विदाई देने के लिए संघर्ष करता रहा। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील इंसान की आंखें नम कर सकता है।

Hardoi, Hardoi | Jun 8, 2026

आजकल मोबाईल हाथ मे सबकी असलियत उजागर कर देता है परियल मामले से कुछ वीडियो हाथ लगे है खनन का खेल भी हो सकता है परियल में गर्रा नदी से बालू निकलती है और शायद ही पूरे देश मे खनन नियमो से होता है बाकी जो मेरे पास जानकारी है उसके हिसाब से एसडीएम साहब ने लालाराम राजपूत के लड़के को अपने गार्डों से इसलिए पकड़ाया था क्योंकि आरआरसी सेंटर अपूर्ण था और लड़के की जबाब में भाषा भद्र नही थी, लेकिन प्रदेश सरकार की मंत्री रजनी तिवारी के टेलीफोन काल के बाद उसे वही छोड़ दिया छूटने के बाद महिलाओं को आगे करके एसडीएम पर हमला कर दिया लाठी डंडों के साथ पत्थरबाजी, वीडियो तो यही बताते है क्योंकि यह तस्वीर AI की नही है मौके की असली है, देखने के बाद नैरेटिव तय हो तो बेहतर है

आजकल मोबाईल हाथ मे सबकी असलियत उजागर कर देता है परियल मामले से कुछ वीडियो हाथ लगे है खनन का खेल भी हो सकता है परियल में गर्रा नदी से बालू निकलती है और शायद ही पूरे देश मे खनन नियमो से होता है बाकी जो मेरे पास जानकारी है उसके हिसाब से एसडीएम साहब ने लालाराम राजपूत के लड़के को अपने गार्डों से इसलिए पकड़ाया था क्योंकि आरआरसी सेंटर अपूर्ण था और लड़के की जबाब में भाषा भद्र नही थी, लेकिन प्रदेश सरकार की मंत्री रजनी तिवारी के टेलीफोन काल के बाद उसे वही छोड़ दिया छूटने के बाद महिलाओं को आगे करके एसडीएम पर हमला कर दिया लाठी डंडों के साथ पत्थरबाजी, वीडियो तो यही बताते है क्योंकि यह तस्वीर AI की नही है मौके की असली है, देखने के बाद नैरेटिव तय हो तो बेहतर है

Hardoi, Hardoi | Jun 8, 2026