छपरा में ड्यूटी पर तैनात दो बीडीओ पर हुए हमले के विरोध में DRDA अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया रोष,
शिवहर:समाहरणालय स्थित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) कार्यालय में 25 जुलाई 2026 को अधिकारियों ने एक अनोखा और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। DRDA के निदेशक एवं सहायक निदेशक ने अपने-अपने कार्यालय प्रकोष्ठ (चैंबर) में बांह पर काली पट्टी बांधकर सरकारी कार्य निष्पादित किया। अधिकारियों का यह सांकेतिक विरोध छपरा सदर और रिवीलगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताने के लिए था।
विदित हो कि हाल ही में छपरा में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने (Law and Order Duty) के कर्तव्य में छपरा सदर और रिवीलगंज के बीडीओ तैनात थे। इसी दौरान उपद्रवियों द्वारा उन पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया गया, जिसमें दोनों पदाधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वर्तमान में दोनों का इलाज चल रहा है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और एकजुटता
कर्तव्य पथ पर तैनात अधिकारियों के साथ हुई इस हिंसक घटना से पूरे प्रशासनिक महकमे में भारी आक्रोश है। DRDA के निदेशक और सहायक निदेशक ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि:
1. कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों पर हमला बर्दाश्त नहीं: लोक सेवकों पर ड्यूटी के दौरान इस तरह की हिंसक कार्रवाई पूरी तरह से अस्वीकार्य और निंदनीय है।
2. घायलों के प्रति संवेदना: काली पट्टी बांधकर कार्य करना घायल हुए दोनों बीडीओ के प्रति एकजुटता और सहानुभूति प्रकट करने का एक माध्यम है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को इस मामले को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि:
1. दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी: इस हिंसक कृत्य में शामिल सभी उपद्रवियों और दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
2. कठोरतम सजा: दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
3. सुरक्षा की गारंटी: भविष्य में विधि-व्यवस्था के संधारण में लगे किसी भी पदाधिकारी या कर्मचारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।