कोरटा निवासी नेमाराम मेघवाल ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि 3 नवंबर को उनकी पत्नी गीता की सामान्य डिलीवरी हुई थी। लेकिन डॉक्टर की लापरवाही से मल–मूत्र मार्ग एक हो गया। हालत गंभीर होने के बावजूद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दर्द बढ़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे तो जांच में सामने आया कि प्रसव के दौरान नलियां बुरी तरह फट चुकी थीं।