*आईजीआरएस एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न: जिलाधिकारी ने दिए ए-ग्रेड रैंकिंग सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश*
*मा० मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं में शामिल आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें अधिकारी: जिलाधिकारी*
*वृद्धावस्था पेंशन के प्रकरणों का 45 दिवस के भीतर करें विधिक निस्तारण, टेबल पर प्रतिदिन लंबित मामलों की सूची रखें विभागीय स्टाफ।*
*पारिवारिक पहचान पत्र (फैमिली आईडी) के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के भूमि विवादों को आपसी समझौते से 10 दिनों में सुलझाने के निर्देश।*
जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) एवं विभिन्न जनकल्याणकारी विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से मंडी समिति, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, मुख्यमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की बिंदुवार गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कड़े रुख में कहा कि आईजीआरएस पोर्टल माननीय मुख्यमंत्री जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित है, जिसकी निरंतर उच्च स्तर पर समीक्षा की जाती है। उन्होंने असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले विभागों को सचेत करते हुए निर्देशित किया कि वे कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाएं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो विभाग वर्तमान में 'बी', 'सी' या 'डी' श्रेणी में हैं, वे विशेष प्रयास कर 'ए' श्रेणी (ग्रेड) में अपनी जगह बनाएं। इसके साथ ही, जिन विभागों की रैंकिंग पहले से 'ए' श्रेणी में है, वे उसे निरंतर बनाए रखना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने मंडी सचिव को निर्देशित किए कि उप जिलाधिकारी कर्वी व राजापुर से समन्वय स्थापित कर मंडी का महीने में दो- दो निरीक्षण कराए, की मंडी शुल्क दिए बिना कोई भी वाहन नहीं जाने पाए, यह सुनिश्चित कराएं।
वृद्धावस्था पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवेदन प्राप्ति के उपरांत निर्धारित समय-सीमा यानी 45 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को पाबंद किया कि वे अपने अधीनस्थ स्टाफ को निर्देशित करें कि लंबित आवेदनों व शिकायतों की सूची दैनिक आधार पर पटल (टेबल) पर रखी जाए, जिससे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो सके।
पारिवारिक पहचान पत्र (फैमिली आईडी) योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष ही प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर पालिका तथा समस्त नगर पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र नागरिकों के अनिवार्य रूप से पारिवारिक पहचान पत्र बनाए जाएं। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवासों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कतिपय क्षेत्रों में भूमि विवादों के कारण निर्माण कार्य बाधित हो रहे हैं, जिससे जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो रही है। इस संबंध में उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि चालू माह के अंत तक सभी विवादित प्रकरणों पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए विस्तृत टिप्पणी अंकित कराई जाए। उन्होंने राजस्व और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय स्तर पर आपसी समन्वय व समझौता स्थापित कराते हुए आगामी 10 दिनों के भीतर समस्त भूमि विवादों का निस्तारण कराएं, ताकि अवशेष आवासों का निर्माण कार्य अविलंब पूर्ण हो सके और जनपद की रैंकिंग में सुधार लाया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीडीपी पाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीचन्द्र शेखर सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
Mau, Chitrakoot | Jun 19, 2026