"14 साल की बच्ची से कथित शोषण पर सियासी और सामाजिक घमासान! चंदन बौद्ध ने उठाए 'लव जिहाद' और बेटियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल"
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शिमला में 14 वर्षीय बालिका से जुड़े कथित शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामले को लेकर सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता चंदन बौद्ध ने एक तीखा बयान जारी करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी नाबालिग की निजता का उल्लंघन कर उसका वीडियो बनाया गया, फिर उसे ब्लैकमेल कर बुलाया गया और उसके साथ शोषण किया गया, तो यह केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए और कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
चंदन बौद्ध ने दावा किया कि आरोपियों के मोबाइल फोन में कई लड़कियों के फोटो, नंबर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुस्लिम समाज से भी अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति धर्म के नाम पर समाज का माहौल खराब करने, बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने या युवाओं को अपराध की ओर धकेलने का प्रयास करता है, तो उसका खुलकर विरोध किया जाना चाहिए और कानून का सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपराधी की पहचान उसके धर्म से नहीं बल्कि उसके अपराध से होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब समाज में ‘लव जिहाद’ और अन्य विवादित मामलों की चर्चा होती है, तब इनके खिलाफ व्यापक सामाजिक विरोध क्यों नहीं दिखाई देता।
हालांकि, मामले की जांच पुलिस और संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। आरोपों की सत्यता और पूरे घटनाक्रम के तथ्यों का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
बेटियों की सुरक्षा, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और सामाजिक सौहार्द—इन तीनों को साथ लेकर चलना ही समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।