मुख्य विकास अधिकारी ने जिला महिला चिकित्सालय मऊ का किया औचक निरीक्षण व्यवस्थाओं का लिया जायजा, मरीजों से उपचार की गुणवत्ता की ली जानकारी।
ओपीडी एवं जांच व्यवस्था की समीक्षा, ऑक्सीजन प्लांट तत्काल संचालित कराने के निर्देश।
मुख्य विकास अधिकारी श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव द्वारा आज जिला महिला चिकित्सालय, मऊ का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान CMS महिला चिकित्सालय उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, लेबर रूम, ओपीडी, ऑक्सीजन प्लांट, लिफ्ट एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान महिला चिकित्सालय की साफ-सफाई व्यवस्था अच्छी एवं संतोषजनक पाई गई। महिला वार्डों का निरीक्षण करते हुए भर्ती मरीजों से उपचार एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली गई। मरीजों द्वारा इलाज से संतोष व्यक्त किया गया। बेडों पर साफ-सुथरी बेडशीट एवं तकिया लगे पाए गए तथा प्रतिदिन बेडशीट बदले जाने की जानकारी दी गई। वार्डों के कमरों में भी साफ-सफाई व्यवस्था अच्छी पाई गई। सभी वार्डों में मरीजों की निगरानी के लिए मॉनिटर उपलब्ध पाए गए।लेबर रूम के निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन की प्रक्रिया संचालित पाई गई। बताया गया कि पूर्व में 03 डिलीवरी के मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं तथा मौके पर 01 डिलीवरी का ऑपरेशन किया जा रहा था। लेबर रूम में चिकित्सक, एनेस्थीसिया के चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित पाए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने ओपीडी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। मरीजों को ऑनलाइन पर्ची सुगमता से प्राप्त हो रही थी तथा मौके पर ओपीडी संचालित मिली। चिकित्सकों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं तथा विभिन्न प्रकार की जांच भी अस्पताल में कराई जा रही थी। कुछ जांचों की रिपोर्ट जिला अस्पताल से विलंब से प्राप्त होने की जानकारी पर मुख्य विकास अधिकारी ने CMS को रिपोर्ट समय से मंगवाने के निर्देश दिए।अस्पताल में स्थापित दोनों लिफ्ट क्रियाशील पाई गईं। निरीक्षण के समय विद्युत आपूर्ति बाधित थी, जिसके दौरान 01 लिफ्ट जनरेटर के माध्यम से संचालित पाई गई। अस्पताल में सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन की आपूर्ति ऑक्सीजन प्लांट से की जाती है। वर्तमान में ऑक्सीजन प्लांट का स्टेबलाइजर खराब होने के कारण आपूर्ति बाधित थी। बताया गया कि नया स्टेबलाइजर प्राप्त हो चुका है। मुख्य विकास अधिकारी ने स्टेबलाइजर का इंस्टॉलेशन कार्य तत्काल पूर्ण कराकर ऑक्सीजन प्लांट को शीघ्र क्रियाशील कराने के निर्देश CMS को दिए। मौके पर 03 भरे हुए ऑक्सीजन सिलेंडर स्टॉक में उपलब्ध पाए गए, जबकि 05 ऑक्सीजन सिलेंडर भरने हेतु भेजे गए थे। मुख्य विकास अधिकारी ने CMS को निर्देशित किया कि मरीजों के समुचित उपचार के लिए सभी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए तथा CMS एवं चिकित्सक निरंतर अस्पताल का भ्रमण करते हुए प्रत्येक मरीज के उपचार की नियमित निगरानी करें और मरीजों को सुगमता से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।