हिमाचल के युवा टेक इनोवेटर हर्षित ने बढ़ाया प्रदेश का मान, गूगल का एआई-पावर्ड परफॉर्मेंस ऐड्स सर्टिफिकेशन किया हासिल
शिमला/कुमारसैन। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के कुमारसैन से संबंध रखने वाले युवा टेक इनोवेटर एवं डिजिटल उद्यमी हर्षित ने गूगल स्किलशॉप का प्रतिष्ठित एआई-पावर्ड परफॉर्मेंस ऐड्स सर्टिफिकेशन प्राप्त कर एक नई उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। यह प्रमाणन वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है और उन पेशेवरों को प्रदान किया जाता है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विज्ञापन अभियानों की रणनीति, संचालन और बेहतर व्यावसायिक परिणाम प्राप्त करने में दक्ष होते हैं।
डिजिटल जगत में “शेरू बावा” के नाम से भी पहचाने जाने वाले हर्षित ने कम उम्र में ही वेबसाइट डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लिकेशन, गेम डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग और बिजनेस ऑटोमेशन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका तकनीकी सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ, जब उन्होंने प्रोग्रामिंग और आधुनिक वेब तकनीकों को सीखना प्रारंभ किया। आज वे फुल स्टैक डेवलपमेंट, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ), गूगल ऐड्स और एआई आधारित डिजिटल समाधानों पर कार्य कर रहे हैं।
हर्षित की शुरुआती उपलब्धियों में ‘हिम टेक्स्ट’ मोबाइल एप्लिकेशन विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसे उन्होंने छात्र जीवन में विकसित किया था। इस नवाचार को प्रदेशभर में सराहना मिली थी और हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्वयं इसका औपचारिक शुभारंभ किया था। उस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने हर्षित की तकनीकी सोच और नवाचार की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया था।
वर्तमान में हर्षित एचएनएम क्रिएटिव सॉल्यूशंस के संस्थापक हैं। उनकी संस्था वेबसाइट डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर ऐज़ अ सर्विस (सास) प्लेटफॉर्म, ईआरपी सिस्टम, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, सोशल मीडिया प्रबंधन, ग्राफिक डिज़ाइन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और बिजनेस ऑटोमेशन जैसी सेवाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कई व्यवसायों, होटल, स्कूलों और स्टार्टअप्स की डिजिटल पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हर्षित का कहना है कि तकनीक का वास्तविक उद्देश्य लोगों का जीवन सरल बनाना है। उनका मानना है कि छोटे व्यवसाय, स्थानीय उद्यमी और स्टार्टअप भी आधुनिक तकनीक और सही डिजिटल रणनीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहुंच बना सकते हैं। वे प्रदेश के युवाओं को वेबसाइट डेवलपमेंट, मोबाइल ऐप, साइबर टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुमारसैन जैसे क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि मेहनत, समर्पण और निरंतर सीखने की मोहताज होती है। गूगल का यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन हर्षित की उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है और यह हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरा है।