Public App Logo
Jansamasya
News
Maharashtra
बॉलीवुड
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Congress
Modi
Delhi
Viral
Rajasthan
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Madhya_pradesh
अनिल
Cm
Nsui
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
कानपुर
Pm
Uttarpradesh
Haryana

नैनीताल: कृष्णापुर में भूस्खलन और बोल्डरों से निपटने के लिए कुमाऊं आयुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण, दिए कई निर्देश

Nainital, Nainital | May 12, 2026

MORE NEWS

अंग्रेज़ लोग नैनीताल में तब नैनीताल London जैसा लगता था ✅:

आज जिस नैनीताल की खूबसूरती पर हर कोई फिदा है, उसकी आधुनिक पहचान की नींव अंग्रेज़ों ने रखी थी। 1839 में नैनीताल की खोज के बाद 1841 से अंग्रेज़ों ने इसे बसाना शुरू किया और धीरे-धीरे इसे भारत के सबसे अनुशासित और खूबसूरत हिल स्टेशनों में बदल दिया......उस समय नैनीताल में कुछ ऐसे नियम लागू थे, जिन्हें सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे!

1. पेड़ों की कटाई पर सख्त रोक ★
अंग्रेज़ नैनीताल की हरियाली को अपनी सबसे बड़ी धरोहर मानते थे। बिना अनुमति कोई पेड़ नहीं काट सकता था। पूरे इलाके को छावनी (Cantonment) के नियमों के तहत रखा गया था।

2. शहर की सफाई और विकास सबसे पहले ★
नैनीताल को एक आदर्श Hill Station बनाने के लिए नगरपालिका की लगभग 60% आय शहर की सफाई, सड़कों, पार्कों और अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जाती थी।

3. Mall Road पर थूकना या गंदगी फैलाना अपराध था 🚫
अगर कोई Mall Road पर थूकता या कूड़ा फैलाता पकड़ा जाता, तो उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाता था।

4. Upper Mall Road पर भारतीयों का प्रवेश प्रतिबंधित था ★
उस दौर में Upper Mall Road पर केवल अंग्रेज़ और चुनिंदा Elite भारतीयों को ही जाने की अनुमति थी। आम भारतीयों का प्रवेश प्रतिबंधित था।

5. कंक्रीट के मकानों की अनुमति नहीं थी ★
अंग्रेज़ चाहते थे कि नैनीताल का प्राकृतिक सौंदर्य बना रहे, इसलिए केवल European Style के लकड़ी के मकानों को ही अनुमति दी जाती थी।

6. आवारा पशुओं पर भी सख्ती ★
अगर कोई आवारा गाय, बैल या कुत्ता शहर में घूमता मिलता, तो उसे तुरंत नैनीताल शहर की सीमा से बाहर भेजने के आदेश दिए जाते थे।

7. व्यापारियों से ईमानदारी की अपेक्षा ★
व्यवसाय करने वाले लोगों से ईमानदारी और जनता के हित में काम करने के form भराये जाते थे, ताकि शहर की प्रतिष्ठा और व्यवस्था बनी रहे।

यही वजह थी कि...1839 से लेकर 1947 तक का Nainital अपनी साफ-सफाई, अनुशासन, खूबसूरत लकड़ी के भवनों और शांत वातावरण के कारण इतना प्रसिद्ध था कि लोग इसे "The British Nainital", "स्वर्ग" और "London Of India" जैसे नामों से भी पुकारते थे।

आपको क्या लगता है? अगर आज भी नैनीताल में ऐसे नियम लागू हों, तो क्या शहर पहले से भी ज्यादा खूबसूरत बन सकता है? अपनी राय Comment में ज़रूर बताइए - Nainital Mania 

Note: All Photos were Black & White but for better visual I have colorize them.

Nainital History and Nainital Old Photos

अंग्रेज़ लोग नैनीताल में तब नैनीताल London जैसा लगता था ✅: आज जिस नैनीताल की खूबसूरती पर हर कोई फिदा है, उसकी आधुनिक पहचान की नींव अंग्रेज़ों ने रखी थी। 1839 में नैनीताल की खोज के बाद 1841 से अंग्रेज़ों ने इसे बसाना शुरू किया और धीरे-धीरे इसे भारत के सबसे अनुशासित और खूबसूरत हिल स्टेशनों में बदल दिया......उस समय नैनीताल में कुछ ऐसे नियम लागू थे, जिन्हें सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे! 1. पेड़ों की कटाई पर सख्त रोक ★ अंग्रेज़ नैनीताल की हरियाली को अपनी सबसे बड़ी धरोहर मानते थे। बिना अनुमति कोई पेड़ नहीं काट सकता था। पूरे इलाके को छावनी (Cantonment) के नियमों के तहत रखा गया था। 2. शहर की सफाई और विकास सबसे पहले ★ नैनीताल को एक आदर्श Hill Station बनाने के लिए नगरपालिका की लगभग 60% आय शहर की सफाई, सड़कों, पार्कों और अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जाती थी। 3. Mall Road पर थूकना या गंदगी फैलाना अपराध था 🚫 अगर कोई Mall Road पर थूकता या कूड़ा फैलाता पकड़ा जाता, तो उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाता था। 4. Upper Mall Road पर भारतीयों का प्रवेश प्रतिबंधित था ★ उस दौर में Upper Mall Road पर केवल अंग्रेज़ और चुनिंदा Elite भारतीयों को ही जाने की अनुमति थी। आम भारतीयों का प्रवेश प्रतिबंधित था। 5. कंक्रीट के मकानों की अनुमति नहीं थी ★ अंग्रेज़ चाहते थे कि नैनीताल का प्राकृतिक सौंदर्य बना रहे, इसलिए केवल European Style के लकड़ी के मकानों को ही अनुमति दी जाती थी। 6. आवारा पशुओं पर भी सख्ती ★ अगर कोई आवारा गाय, बैल या कुत्ता शहर में घूमता मिलता, तो उसे तुरंत नैनीताल शहर की सीमा से बाहर भेजने के आदेश दिए जाते थे। 7. व्यापारियों से ईमानदारी की अपेक्षा ★ व्यवसाय करने वाले लोगों से ईमानदारी और जनता के हित में काम करने के form भराये जाते थे, ताकि शहर की प्रतिष्ठा और व्यवस्था बनी रहे। यही वजह थी कि...1839 से लेकर 1947 तक का Nainital अपनी साफ-सफाई, अनुशासन, खूबसूरत लकड़ी के भवनों और शांत वातावरण के कारण इतना प्रसिद्ध था कि लोग इसे "The British Nainital", "स्वर्ग" और "London Of India" जैसे नामों से भी पुकारते थे। आपको क्या लगता है? अगर आज भी नैनीताल में ऐसे नियम लागू हों, तो क्या शहर पहले से भी ज्यादा खूबसूरत बन सकता है? अपनी राय Comment में ज़रूर बताइए - Nainital Mania Note: All Photos were Black & White but for better visual I have colorize them. Nainital History and Nainital Old Photos

Nainital, Nainital | Jul 29, 2026

1947 तक जब भारतीय लोग नैनीताल में चलते थे तो हर जगह अंग्रेज़ ही दिखते थे ✅:

आज का खूबसूरत नैनीताल कभी पूरी तरह British City हुआ करता था। बहुत कम लोग जानते हैं कि 1841 में जब अंग्रेजों ने यहाँ बसना शुरू किया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह छोटा सा पहाड़ी इलाका कुछ ही दशकों में British India का सबसे शानदार Hill Station बन जाएगा।

1880 तक Nainital में लगभग 10,000 अंग्रेज रह रहे थे, जिनमें करीब 5,000 English Ladies (Memsahibs) थीं। उस दौर के कई इतिहासकार लिखते हैं कि 1947 तक अगर कोई व्यक्ति Mall Road, Church, Schools, Colleges, Clubs, Shops या Government Office में घूमता था, तो उसे हर तरफ अंग्रेज ही दिखाई देते थे। भारतीय और स्थानीय लोग बहुत कम संख्या में थे। उस समय ऐसा माहौल था कि मानो आप भारत में नहीं, बल्कि सीधे England की किसी सड़क पर घूम रहे हों।

सोचिए... आज जिस Mall Road पर लाखों भारतीय पर्यटक घूमते हैं, कभी वहाँ अंग्रेज अफसर, उनकी Memsahibs, बच्चे और सैनिक ही सबसे ज़्यादा नज़र आते थे। नैनीताल की पहचान ही एक English Town के रूप में थी।

Nainital History 1841✅: 
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती क्योकि जब नैनीताल के बारे में स्थानीय लोगों के अलावा लगभग कोई नहीं जानता था, तब अंग्रेजों ने ही इसकी खूबसूरती की चर्चा पूरी दुनिया में फैला दी। British India से लेकर England, Scotland, Poland और यहाँ तक कि USA तक नैनीताल का नाम पहुँच चुका था।

इसी प्रसिद्धि का असर था कि 1858 में USA से आए एक American Missionary ने यहाँ ईसाई धर्म के प्रचार का कार्य शुरू किया। उसी दौर में Methodist Church (1858) और CRST School जैसी संस्थाएँ स्थापित हुईं, जो आज भी उस ऐतिहासिक विरासत की गवाही देती हैं।

यानी आज का नैनीताल सिर्फ झीलों और पहाड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा शहर है जिसने कभी पूरी दुनिया, खासकर British Empire, का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। और यही इतिहास नैनीताल को भारत के सबसे अनोखे शहरों में से एक बनाता है।

Follow Nainital Mania Page for Nainital History ❤️

1947 तक जब भारतीय लोग नैनीताल में चलते थे तो हर जगह अंग्रेज़ ही दिखते थे ✅: आज का खूबसूरत नैनीताल कभी पूरी तरह British City हुआ करता था। बहुत कम लोग जानते हैं कि 1841 में जब अंग्रेजों ने यहाँ बसना शुरू किया, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह छोटा सा पहाड़ी इलाका कुछ ही दशकों में British India का सबसे शानदार Hill Station बन जाएगा। 1880 तक Nainital में लगभग 10,000 अंग्रेज रह रहे थे, जिनमें करीब 5,000 English Ladies (Memsahibs) थीं। उस दौर के कई इतिहासकार लिखते हैं कि 1947 तक अगर कोई व्यक्ति Mall Road, Church, Schools, Colleges, Clubs, Shops या Government Office में घूमता था, तो उसे हर तरफ अंग्रेज ही दिखाई देते थे। भारतीय और स्थानीय लोग बहुत कम संख्या में थे। उस समय ऐसा माहौल था कि मानो आप भारत में नहीं, बल्कि सीधे England की किसी सड़क पर घूम रहे हों। सोचिए... आज जिस Mall Road पर लाखों भारतीय पर्यटक घूमते हैं, कभी वहाँ अंग्रेज अफसर, उनकी Memsahibs, बच्चे और सैनिक ही सबसे ज़्यादा नज़र आते थे। नैनीताल की पहचान ही एक English Town के रूप में थी। Nainital History 1841✅: लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती क्योकि जब नैनीताल के बारे में स्थानीय लोगों के अलावा लगभग कोई नहीं जानता था, तब अंग्रेजों ने ही इसकी खूबसूरती की चर्चा पूरी दुनिया में फैला दी। British India से लेकर England, Scotland, Poland और यहाँ तक कि USA तक नैनीताल का नाम पहुँच चुका था। इसी प्रसिद्धि का असर था कि 1858 में USA से आए एक American Missionary ने यहाँ ईसाई धर्म के प्रचार का कार्य शुरू किया। उसी दौर में Methodist Church (1858) और CRST School जैसी संस्थाएँ स्थापित हुईं, जो आज भी उस ऐतिहासिक विरासत की गवाही देती हैं। यानी आज का नैनीताल सिर्फ झीलों और पहाड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा शहर है जिसने कभी पूरी दुनिया, खासकर British Empire, का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। और यही इतिहास नैनीताल को भारत के सबसे अनोखे शहरों में से एक बनाता है। Follow Nainital Mania Page for Nainital History ❤️

Nainital, Nainital | Jul 29, 2026

गोरखाओ की ख़तरनाक दिव्य परीक्षाये जिनको सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते है, Gorkha's Judicial System called Divya Parikshaye 😱

गोरखाओ की ख़तरनाक दिव्य परीक्षाये जिनको सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते है, Gorkha's Judicial System called Divya Parikshaye 😱

Nainital, Nainital | Jul 29, 2026

नैनीताल: कृष्णापुर में भूस्खलन और बोल्डरों से निपटने के लिए कुमाऊं आयुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण, दिए कई निर्देश - Nainital News