🔳मत्स्य पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता आदिवासी समाज
🔳सगौना जलाशय में 31 आदिवासी मत्स्यजीवी परिवारों को मिला रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार
🔳कटनी - विकासखंड ढीमरखेड़ा के आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत सगौना स्थित दूरस्थ सगौना जलाशय स्थानीय आदिवासी मत्स्यजीवी परिवारों के लिए आजीविका, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। लगभग 133 हेक्टेयर जलक्षेत्र वाले इस जलाशय में पंजीकृत आदिवासी मत्स्य सहकारी समिति मर्यादित सगौना के 31 सदस्य सामूहिक रूप से मत्स्य पालन एवं मत्स्याखेट का कार्य कर रहे हैं।
समिति के अध्यक्ष श्री जगत सिंह बरकड़े ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में समिति द्वारा लगभग 1.53 लाख मत्स्यबीज का संचयन किया गया। सुव्यवस्थित मत्स्यबीज संचयन एवं वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन के परिणामस्वरूप समिति ने मत्स्याखेट एवं मत्स्य विक्रय से लगभग 2.90 लाख रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। इससे सदस्यों की आय में वृद्धि के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता और अपने व्यवसाय के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
*मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड से मिला आर्थिक संबल*
जिला प्रशासन के सहयोग से वित्तीय वर्ष 2025-26 में समिति के 31 सदस्यों को मध्यप्रदेश शासन की मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कुल 3.10 लाख का ऋण जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, कटनी की उमरियापान शाखा के माध्यम से उपलब्ध कराया गया।
ऋण राशि से समिति द्वारा 5 नावों के साथ मत्स्याखेट के लिए आवश्यक जाल एवं अन्य सामग्री खरीदी गई। संसाधन उपलब्ध होने से सदस्यों को जलाशय में मत्स्याखेट करने में सुविधा हुई और कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित होने लगा। गुणवत्तापूर्ण मत्स्यबीज के क्रय एवं संचयन से मत्स्य उत्पादन को भी बढ़ावा मिला।
*स्मार्ट फिश पार्लर से बढ़ेंगे विपणन के अवसर*
मत्स्य उत्पादन के साथ बेहतर विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत सगौना के सहयोग से स्मार्ट फिश पार्लर का निर्माण कराया जा रहा है।
स्मार्ट फिश पार्लर के माध्यम से समिति के सदस्य स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण में सीधे उपभोक्ताओं को ताजा मछली बेच सकेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होने के साथ मत्स्य उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने और सदस्यों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
*योजनाओं के समन्वित लाभ से मजबूत हुई आत्मनिर्भरता*
सगौना जैसे दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र में शासन की विभिन्न योजनाओं का समन्वित लाभ मिलने से पारंपरिक मत्स्य पालन अब रोजगार और आय का सशक्त माध्यम बन रहा है। मत्स्यबीज संचयन, मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ब्याजमुक्त ऋण, नाव एवं जाल की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण मत्स्यबीज तथा स्मार्ट फिश पार्लर जैसी सुविधाओं ने समिति के सदस्यों को उत्पादन से लेकर विपणन तक की पूरी प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
आदिवासी मत्स्य सहकारी समिति मर्यादित सगौना की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन का सहयोग और हितग्राहियों की सक्रिय सहभागिता मिलकर दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार, आय एवं आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर सकती है।
समिति के सदस्यों ने मध्यप्रदेश शासन, मत्स्य विभाग, जिला प्रशासन कटनी एवं ग्राम पंचायत सगौना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा की है।
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Katni, Madhya Pradesh | Sep 6, 2026