भारतीयता हमारे आपसी संकट से मुक्ते का रास्ता है। वहजीने का माध्यम है। सांस्कृतिक रूप से विकसित दिशा मेंले जाने का मार्ग है। किसी भी देश-प्रदेश को उसकी भाषासे बिना नहीं जाना जा सकता। भाषा जोड़ने और जुड़नेके लिए जरूरी है। यह केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहींहै। उक्त विचार माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय स्नातकोत्तरकन्या महविद्यालय खंडवा में मध्यप्रदेश