सरकार कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन हकीकत जमीनी स्तर पर कुछ और ही है। जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और कुपोषितों को घटिया गुणवत्ता वाला पोषाहार बांटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। मामले की शिकायत सीधे मुख्य विकास अधिकारी यानी सीडीओ से की गई है।