डेंगू से बचाव के लिए जनसहभागिता आवश्यक, मच्छरों को पनपने न दें : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन, औरंगाबाद डॉ. कृष्ण कुमार ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के प्रजनन के लिए अत्यंत अनुकूल समय है। उन्होंने बताया कि जुलाई से नवंबर माह तक डेंगू का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में सभी नागरिक सतर्क रहें तथा डेंगू की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों का पालन करें।
सिविल सर्जन ने बताया कि डेंगू एक मच्छरजनित रोग है, जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इस बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय मच्छरों को पनपने से रोकना है। उन्होंने कहा कि डेंगू का मच्छर सामान्यतः सूर्योदय के बाद तथा सूर्यास्त से पहले अधिक सक्रिय रहता है। इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि घर से बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले, विशेषकर पूरी बाँह के कपड़े पहनें। बच्चों को खेलने के दौरान भी पूरे शरीर को ढकने वाले ढीले एवं आरामदायक वस्त्र पहनाए जाएं, ताकि मच्छरों के काटने से बचाव हो सके।
सिविल सर्जन ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। घरों के आसपास गड्ढों, टूटे बर्तनों, टायरों, गमलों, कूलर, छतों तथा अन्य स्थानों पर पानी जमा नहीं होने दें। उन्होंने सभी नागरिकों से सप्ताह में एक दिन, एक घंटे का "ड्राई डे" मनाने की अपील करते हुए कहा कि इस दौरान घर एवं आसपास पानी जमा होने वाले सभी स्थानों को पूरी तरह खाली एवं सूखा रखें।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए नियमित रूप से एंटी लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है, जिससे मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जा सके। इसके साथ ही आवश्यकता अनुसार फॉगिंग मशीन के माध्यम से भी मच्छरों के नियंत्रण की कार्रवाई की जा रही है।
सिविल सर्जन ने कहा कि डेंगू से बचाव केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
Deo, Aurangabad | Jul 30, 2026