चंद राजा Shakti Singh Gusai अंधे थे लेकिन कुमाऊँ को मुठ्ठी और नाली का ज्ञान देकर चले गए✅:
चंद राजा Rudra Chand के सबसे बड़े पुत्र Shakti Singh Gusai (शक्तिसिंह गुसाईं) जन्म से ही दृष्टिहीन थे। राजगद्दी के असली उत्तराधिकारी होने के बावजूद उन्होंने राज्य के हित को सर्वोपरि रखा और अपने छोटे भाई लक्ष्मी चंद को कुमाऊँ की गद्दी सौंप दी। लेकिन आंखों की रोशनी न होने के बावजूद उनकी बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता पूरे कुमाऊँ में प्रसिद्ध थी।
कहा जाता है कि शक्तिसिंह गुसाईं ने अपनी दृष्टि वापस पाने के लिए अनेक धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ किए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। फिर भी उन्होंने समाज के लिए ऐसा कार्य किया, जिसकी पहचान आज भी कुमाऊँ की संस्कृति में जीवित है।
उन्होंने भूमि मापन की दो महत्वपूर्ण इकाइयों,"मुठ्ठी" (Mutthi) और "नाली" (Naali), को व्यवस्थित रूप दिया ताकि लोग अपनी खेती और जमीन को आसानी से माप सकें।
शक्तिसिंह गुसाईं के अनुसार "मुठ्ठी" का अर्थ 1 मुठ्ठी धान, गेहूं या �