जिल्दा ग्राम के बरौड़ी में 2014 में बम्हनी नदी पर करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया डेम आज भी बेकार पड़ा है। 12 साल बीत जाने के बावजूद एक भी किसान के खेत तक पानी नहीं पहुंचा। खराब निर्माण के कारण पहली बारिश में ही रिटेनिंग वॉल ढह गई, जिसका मलबा आज भी मौजूद है। नहरें गाद, झाड़ियों और कचरे से पट गई हैं। डेम बनने से नदी का स्वरूप बिगड़ गया—पहले कल-कल बहती