नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन के समर्थन में मौन व्रत शुरू कर दिया है। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि अन्ना हजारे के नेतृत्व में हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने देश की राजनीति पर गहरा असर डाला था और उसी दौर से आम आदमी पार्टी के उदय का रास्ता तैयार हुआ था। ऐसे में अब जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में उनके मौन व्रत को कई लोग एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं।
हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि इस समर्थन का संबंधित संगठन या आंदोलन की राजनीतिक संभावनाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा। फिलहाल अन्ना हजारे के इस कदम ने आंदोलन को नैतिक बल जरूर दिया है और इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।