📚 किताबें हाथ में… पैरों में कीचड़ और आंखों में भविष्य के सपने!
पन्ना जिले के शाहनगर विकासखंड के रैपुरा तहसील क्षेत्र में पौड़ी (सिमरी) गांव के नौनिहालों की तस्वीर व्यवस्था से बड़ा सवाल पूछ रही है।
हर दिन करीब 3 किलोमीटर कीचड़ भरे कच्चे रास्ते से पैदल स्कूल जाने वाले इन बच्चों के लिए बारिश पढ़ाई से ज्यादा संघर्ष लेकर आती है। सुबह 7 बजे घर से निकलने वाले बच्चे कई बार शाम 7 बजे तक घर लौटते हैं। कीचड़ में जूते-कपड़े सन जाते हैं, रास्ते में फिसलने का खतरा रहता है, लेकिन बच्चों के पढ़-लिखकर आगे बढ़ने के सपने अब भी जिंदा हैं।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण और छात्राएं चार वर्षों से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। आखिरकार अपनी समस्या लेकर दर्जनों छात्र-छात्राएं रैपुरा तहसील कार्यालय पहुंचे और नायब तहसीलदार आर.एन. सोनी को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
बच्चों की मांग सिर्फ इतनी है—स्कूल जाने के लिए एक सुरक्षित सड़क।
अब सवाल यह है कि जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए, वे कब तक कीचड़ से रास्ता तलाशते रहेंगे?
क्या इन बच्चों के सपनों तक पहुंचने वाली सड़क अब बनेगी?
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Shahnagar, Panna | Aug 12, 2026