एक महिला बस में बैठकर अपने काम से कहीं जा रही थी,
बस में काफी भीड़ थी और लोग अपनी-अपनी सीटों पर बैठे हुए थे,
सफर के दौरान महिला को अचानक कुछ ऐसा महसूस हुआ, जिससे वह असहज हो गई,
उसने देखा कि उसके पास बैठे एक व्यक्ति का व्यवहार ठीक नहीं था,
महिला ने तुरंत अपनी बात रखी और कहा कि किसी के कपड़े जैसे भी हों,
किसी को उसे परेशान करने या उसकी निजी सीमा पार करने का अधिकार नहीं है
महिला की बात सुनकर आसपास के यात्रियों को भी समझ आया कि ऐसी स्थिति में चुप रहने के बजाय तुरंत आवाज उठानी चाहिए
सार्वजनिक जगह पर किसी के साथ गलत होता दिखे तो उसकी मदद करना हर यात्री की जिम्मेदारी है !