नागधम्मन नाले में प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, उद्योगों की होगी औचक जांच
संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने हवनखेड़ी पहुंचकर देखा नाले का हाल, नियमित सैंपलिंग और ईटीपी की निगरानी के निर्देश
देवास। नागधम्मन नाले में दूषित पानी के प्रवाह को लेकर प्रशासन ने अब निगरानी और कार्रवाई दोनों सख्त करने के संकेत दिए हैं। उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने ग्राम हवनखेड़ी पहुंचकर नागधम्मन नाले का स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नाले की स्थिति, जल प्रवाह और आसपास की औद्योगिक गतिविधियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को नाले के अलग-अलग स्थानों से नियमित अंतराल पर पानी के नमूने लेने के निर्देश दिए। इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कर पानी में प्रदूषण के स्तर और उसकी गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी।
उद्योगों के ईटीपी की होगी औचक जांच
नागधम्मन नाले में औद्योगिक इकाइयों से बिना उपचारित दूषित पानी पहुंचने की आशंका को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। संभागायुक्त ने क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में लगे एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के संचालन की विशेष निगरानी और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी उद्योग से बिना उपचारित रासायनिक पानी या अपशिष्ट सीधे नाले में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित औद्योगिक इकाई के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लगातार मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने एमपीआईडीसी सहित संबंधित विभागों को नाले के आसपास संचालित औद्योगिक इकाइयों की लगातार मॉनिटरिंग करने और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
अब सवाल जांच के नतीजों का
प्रशासन के निर्देशों के बाद अब नागधम्मन नाले के पानी की सैंपलिंग और औद्योगिक इकाइयों के ईटीपी की जांच महत्वपूर्ण होगी। पानी के नमूनों की रिपोर्ट और औचक निरीक्षण में सामने आने वाली स्थिति से यह स्पष्ट होगा कि नाले में प्रदूषण का स्रोत क्या है और नियमों का उल्लंघन करने वाली कोई औद्योगिक इकाई इसमें शामिल है या नहीं।
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Dewas Nagar, Dewas | Oct 7, 2026