गीता अहंकार से बचाकर निष्काम कर्म का मार्ग दिखाती है: स्वामी ज्ञानानंद महाराज
तीन दिवसीय दिव्य गीता संदेश कार्यक्रम का शुभारंभ, चिकित्सकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को सेवा और आत्मज्ञान का दिया संदेश
भिवानी। स्थानीय दिनोद गेट स्थित सूर्या बैंकट सभागार में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता संदेश कार्यक्रम के प्रथम दिन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने श्रीमद्भगवद्गीता के अमृतमय संदेशों की वर्षा करते हुए कहा कि गीता मनुष्य को अहंकार से बचाती है और जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि गीता माता-पिता, गुरु और समाज के प्रति सम्मान का भाव विकसित करती है तथा व्यक्ति को आत्मज्ञान और निष्काम कर्म की राह पर अग्रसर करती है।
कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गीता प्रेमियों को संबोधित करते हुए स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति गीता के रहस्य को समझ लेता है, वह उसके वास्तविक मर्म तक पहुंच जाता है और उसका जीवन सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने लगता है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के द्वितीय अध्याय के श्लोक 42 से 46 का सरल भावार्थ समझाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत संदेश दिया है। केवल भौतिक सुखों और सकाम कर्मों में उलझा व्यक्ति जीवन के वास्तविक उद्देश्य से दूर हो जाता है, जबकि निष्काम भाव से किया गया कर्म ही मनुष्य को परम शांति और आत्मिक आनंद की प्राप्ति कराता है।
उन्होंने कहा कि तीनों गुणों से ऊपर उठकर आत्मा में स्थित रहने वाला व्यक्ति ही वास्तविक योगी होता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे चारों ओर जल से भरे विशाल सरोवर के सामने छोटे तालाबों का विशेष महत्व नहीं रह जाता, उसी प्रकार ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने पर वेदों का वास्तविक सार स्वतः स्पष्ट हो जाता है। इसलिए मनुष्य को बाहरी आडंबर और भौतिक आकर्षण से ऊपर उठकर आत्मज्ञान की ओर बढ़ना चाहिए।
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने चिकित्सकों से रोगियों की सेवा निस्वार्थ भाव से करने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं से समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का आग्रह किया। इस अवसर पर महंत वेद नाथ महाराज का सानिध्य रहा।
इस अवसर पर भिवानी महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज गीता का हर क्षेत्र में होना बहुत जरूरी है, क्योंकि गीता हर मुश्किल का समाधान है।
इस अवसर पर महंत वेदनाथ महाराज,भिवानी महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह,बवानी खेड़ा विधायक विशम्बर वाल्मीकि, पूर्व विधायक डॉ शिव शंकर भारद्वाज, छात्र नेता कमल सिंह, कार्यक्रम संयोजक डॉ विनोद अंचल, डॉ अनीता अंचल, डॉ आर बी गोयल, आई एस अधिकारी आर सी वर्मा, डॉ कृष्ण कुमार, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन शंकर धूपड़ , गीता प्रेमी ओपी नंदवानी, खुशहाल ग्रोवर, विनोद, , चन्द्र प्रकाश डेरी वाला, डॉ राजेश भारद्वाज, मीनु अग्रवाल, विनोद छपारिया, सुभाष सोनी, रमन सोनी, पिंकी प्रधान, हरिकेश पंघाल, समाजसेवी सुरेश शर्मा , विजयकिशन धारेडू, पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल गौड़, डॉ मुरलीधर शास्त्री, अशोक कुमार भारद्वाज, बिल्लू बादशाह समाजसेवी रामदेव तायल, खुशहाल ग्रोवर,एडवोकेट अशोक गुप्ता , एडवोकेट शिवरतन गुप्ता , एडवोकेट सुरेंद्र जैन, राजेश वर्मा , सुनील जैन,नरेंद्र तनेजा , स्वामी वैदिक देव महाराज, समाजसेवी नरेश आहूजा, एडवोकेट संदीप तंवर, सचिव विकास भारद्वाज,विनोद भारद्वाज,प्रदीप बंसल,राजेंद्र हुई, धर्मपाल,वीरेंद्र वाल्मीकि, कृष्ण बजीना,नथू केडिया , डॉक्टर पवन गोयल, नगर परिषद चेयरमैन भवानी प्रताप, गीता प्रेमी ओपी नंदवानी, डॉक्टर सौम्या, डॉक्टर अक्षय, डॉक्टर लक्ष्य कुमार, डॉक्टर जितेंद्र कुमार,डॉक्टर शशी, डॉक्टर कृष्ण कुमार, डॉक्टर एनके गर्ग आई एम ए प्रधान, नीमा प्रधान डॉक्टर राजेश शर्मा, डॉक्टर एन के जसवाल, डॉ राजेश,यश कुमार,बैंक मैनेजर कौशल भारद्वाज,पार्षद प्रवीण चावला, हर्षदीप डूडेजा,नरेश आहूजा, रजनीश कुमार, पवन मैदान, चंद्र वधवा , हीरालाल , इंद्र केडिया,विनोद छाबड़ा , आत्म प्रकाश टुटेजा,सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।