मंच पर नरोत्तम, आंखों के आंसू और भाबुक मन कुछ और कहानी बयां कर रहे है।
राजनीति में शब्दों से ज्यादा भाव बोलते हैं। दतिया उपचुनाव में हर वोट जनता की राय और जवाबदेही का संदेश होगा। अब फैसला नेताओं के भाषण नहीं, जनता का मत करेगा।
अब फैसला जनता के हाथ में है।