जनता की आवाज उठाने पर पहले पुलिस द्वारा रास्ता रोका गया, फिर मुझे नेम किया और अब मेरे खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव..!
हरियाणा विधानसभा के इतिहास में यह पहला ऐसा अवसर है, जब सोशल मीडिया पर कही गई किसी बात को आधार बनाकर सदन के अंदर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया है। ऐसा उदाहरण हरियाणा विधानसभा के इतिहास में पहले कभी देखने को नहीं मिला।
कांग्रेस के युवा विधायकों की आवाज दबाने और उन्हें डराने के लिए भाजपा सरकार हर तरह के हथकंडे अपना रही है। लेकिन मैं साफ कहना चाहता हूं, मैं इस तानाशाही और दमन की राजनीति से डरने वाला नहीं हूं।
मैं नारनौंद विधानसभा के सवा दो लाख लोगों का प्रतिनिधित्व हरियाणा विधानसभा में करता हूं।
जब हमें और चुने हुए विपक्षी सदस्यों को विधानसभा के गेट पर रोका गया और नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा जी के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया गया, तब मैंने इस पूरे घटनाक्रम के साथ-साथ, अपने क्षेत्र और प्रदेश की जनता के हक की आवाज मजबूती से सदन में उठाई तो जब सरकार के पास मेरे सवालों का कोई ठोस जवाब नहीं था, तो पहले मुझे सदन में नेम किया गया और अब मेरे खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पास किया गया।
जिस विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का कोई औचित्य ही नहीं है, उसके जरिए सरकार विपक्ष के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को डराने और उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
लेकिन सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि विधायक की आवाज उसकी अपनी नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की आवाज होती है, जिन्होंने उसे चुनकर विधानसभा भेजा है।
नारनौंद की जनता के हक की लड़ाई पहले भी मजबूती से लड़ी है और आगे भी पूरी ताकत के साथ लड़ता रहूंगा।
न डरेंगे, न झुकेंगे, जनता की आवाज बनकर सदन में लड़ते रहेंगे।
Jassi Petwar की facebook wall से
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Hisar, Hissar | Aug 31, 2026