प्रशांत किशोर: "हम सिर्फ चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर या प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रुकने वाले नहीं हैं। अगर जरूरत पड़ी तो आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।"
बीजेपी पर: "बीजेपी को एक विधानसभा उपचुनाव के लिए हजारों कार्यकर्ता, सांसद, विधायक, मंत्री और प्रचारकों को उतारना पड़ रहा है। इससे साफ है कि वे इस चुनाव को लेकर घबराए हुए हैं।"
प्रशासन पर आरोप: "जन सुराज के कार्यकर्ता जिन होटलों में ठहरे हैं, वहां लगातार छापेमारी हो रही है, जबकि बीजेपी नेताओं के ठहरने वाले होटलों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। प्रशासन पक्षपात कर रहा है।"
जीविका दीदियों को लेकर आरोप: "जीविका दीदियों का इस्तेमाल महिलाओं के बीच जाकर यह कहने के लिए किया जा रहा है कि अगर वे NDA/बीजेपी को वोट नहीं देंगी तो राशन, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो जाएगा। यह पूरी तरह गैरकानूनी और असंवैधानिक है।"
चुनाव आयोग से मांग: "हम चुनाव आयोग से मिल चुके हैं और आज फिर ऑब्जर्वर से मिलेंगे। आयोग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"
24 घंटे का अल्टीमेटम: "अगर अगले 24 घंटे के भीतर जीविका दीदियों और अन्य अर्ध-सरकारी कर्मचारियों को चुनाव प्रक्रिया से अलग नहीं किया गया, तो कल मैं खुद अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठूंगा।"
सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप: "सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों का चुनाव में इस्तेमाल लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है।"
बीजेपी पर हमला: "बीजेपी हार के डर से हर दिन नया हथकंडा अपना रही है। पहले कार्यकर्ताओं को लगाया, फिर सांसद-विधायक और मंत्री उतारे, उसके बाद अभिनेताओं को बुलाया और अब जीविका दीदियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।"
डीएम से मांग: "जिलाधिकारी को तुरंत आदेश जारी करना चाहिए कि कोई भी अर्ध-सरकारी कर्मचारी, विशेषकर जीविका से जुड़ी महिलाएं, चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेंगी।"
अंतिम चेतावनी: "अगर चुनाव आयोग ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो हम चुनाव आयोग के सामने धरना देंगे
Rajauli, Nawada | Jul 26, 2026