अंग्रेजो के जमाने में नैनीताल में आती थी ऐसी बसे, Nainital during Transportation ✅:
दोस्तों आपको पता है कि Munshi Lalata Prasad Tamta ने Kumaoni Hills Motors (बसों) की स्थापना की.
Kathgodam से Nainital की ओर मोटर मार्ग बनाए जाने की शुरुआत 1911 में ही हो गई थी और साल 1915 में इसी मार्ग पर कुमाऊं की पहली यातायात सेवा शुरू हुई. इसके 5 साल बाद यानी 1920 में मुंशी लालता प्रसाद टम्टा ने हिल मोटर्स ट्रांसपोर्ट कंपनी की शुरुआत...जहाँ नैनीताल में ऐसी बसे आती थी जो आपने फोटो में देख ली होगी।
उस जमाने में गाड़ियों की speed 18KM से लेकर 30KM तक ही होती थी, जहाँ आगे की सीट गद्दी वाली होती थी और पीछे की लकड़ी के पट्ठे वाली होती थी. जब बस चलती थी जोर जोर से आवाज़ करती थी, गियर बदलने पर गुआ घुआ की आवाज़ करती थी. कई जगह कच्चे रोड थे तो यात्रियों के कपड़े धूल से भर जाते थे.
जो high Class के होते थे वो ब्रिटिश कारो में जाते थे लेकिन जो अन्य होते थे वो बसों में जाते थे, ध्यान रहे कि बसों में बैठना भी बहुत बड़ी बात होती थी क्योकि लोगो को इतना भी पैसा प्राप्त नहीं होता था जो गाड़ियों में बैठ सके. 1980 तक भी लोग बिना गाड़ियों के नैनीताल, भीमताल, हल्द्वानी निकल जाते थे, अंग्रेजो के जमाने की बात तो बहुत दूर की हो गयी.
सच में जिन लोगो ने अंग्रेजो का या आजादी के बाद आये 10 सालो को जिया होगा वो वास्तव में बड़े Legend लोग रहे होंगे
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