समाहरणालय पूर्णिया
जिला जनसंपर्क कार्यालय
प्रेस विज्ञप्ति:-783,
दिनांक:-16 जून 2026,
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विभागीय निर्देशों के आलोक में मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना का सफल आयोजन किया गया.
सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार के मार्गदर्शन में 6 वर्षों बाद युवती का हुआ पारिवारिक पुनर्वास
पूर्णिया समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्राप्त विभागीय निर्देशों और दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन के आलोक में, पूर्णिया जिले में 'मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना' (MBNY) के तहत एक बड़ी और भावुक सफलता हासिल की गई है।
सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, पूर्णिया, श्री अमरेश कुमार के सीधे निर्देशन और कुशल प्रबंधन में, "शांति कुटीर" (महिला भिक्षुक पुनर्वास गृह) द्वारा 6 लंबे वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ी एक युवती को उसके पिता एवं भाई के सुपुर्द कर सफलतापूर्वक पुनर्वासित किया गया है।
विगत इतिहास और शांति कुटीर में आगमन विभागीय अभिलेखों के अनुसार, यह महिला दिनांक 3 मार्च 2021 को पूर्णिया के के0 हाट थाना द्वारा शांति कुटीर, पूर्णिया में पहुँचाई गई थी।
आगमन के समय महिला अत्यधिक डरी-सहमी हुई थी और अपना पता व नाम बताने की स्थिति (बोध) में नहीं थी। इस कारण संस्था द्वारा उसका एक काल्पनिक नाम 'खेजू खातून' रखा गया था।
शांति कुटीर में उसे बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में रखा गया, जहाँ वह धीरे-धीरे सभी सदस्यों के साथ घुल-मिल गई। वह संस्था में रसोइया के साथ खाना बनाने में हाथ बटाती थी और सिलाई का कार्य भी करती थी।
काउंसलिंग से खुला वास्तविक नाम और घर का पता संस्था के काउंसलर द्वारा लगातार की गई प्यार भरी और गहन काउंसिलिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आए। दिनांक 09/06/2026 को युवती ने आखिरकार अपना वास्तविक नाम शाहजुरुन खातून बताया और अपने घर का पता किशनगंज जिला, हवाई अड्डा के रूप में दर्ज कराया।
घर से लापता होने का कारण और परिवार की खोज काउंसिलिंग के दौरान यह दुखद सत्य सामने आया कि शाहजुरुन खातून की माँ की मृत्यु हो जाने के कारण उसे गहरा मानसिक सदमा लगा था, जिसके कारण वह मानसिक संतुलन खोकर अपने घर से निकल गई थी और भटकते हुए पूर्णिया पहुँच गई थी।
पता प्राप्त होते ही स्थानीय वार्ड पार्षद से तुरंत संपर्क स्थापित किया गया। वार्ड पार्षद के सहयोग से जब युवती के पिता को अपनी बेटी के सुरक्षित होने की सूचना मिली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत पुष्टि की कि शाहजुरुन खातून उन्हीं की बेटी है।
सहायक निदेशक का त्वरित आदेश और आँखों में आए खुशी के आँसू
जैसे ही इसकी सूचना सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार एवं जिला प्रबंधक उषा कुमारी को दी गई, वैसे ही सर द्वारा बिना किसी विलंब के सख्त निर्देश दिया गया कि: "महिला को अविलंब सम्मानपूर्वक उसके परिवार के साथ पुनर्वासित किया जाए"।
दिए गए निर्देशों के तहत तुरंत परिजनों से बात कर उन्हें दिनांक:-10/06/2026 को शांति कुटीर गृह में बुलाया गया। गृह परिसर में जैसे ही वृद्ध पिता मो० सज्जाद और भाई जहाँगीर ने 06 वर्षों बाद अपनी बेटी/बहन को देखा, दोनों पक्षों की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े और वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।
पुनर्वास के समय युवती के पिता ने भावुक होकर कहा
"हम शांति कुटीर के इस महान कार्य की काफी सराहना करते हैं। संस्था के अथक प्रयास से ही मेरी बेटी 06 सालों के बाद मुझसे मिल पाई है; नहीं तो इसे ढूंढ पाना या यह मिलन संभव ही नहीं था।"
इस अवसर पर युवती के पिता, भाई और उनके साथ आए मामा एवं वार्ड पार्षद ने शांति कुटीर गृह के सभी सदस्यों, जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार का सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया।
पुनर्वास टीम में शामिल मुख्य सदस्य सहायक निदेशक श्री अमरेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में इस संवेदनशील पुनर्वास को पूरा करने वाली टीम में निम्नलिखित सदस्य सक्रिय रहे:
श्री अमरेश कुमार, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, पूर्णिया
उषा कुमारी, जिला प्रबंधक प्रिया भारती, ए.एन.एम. (A.N.M.), शांति कुटीर
निकिता कुमारी, काउंसलर (Counsellor), शांति कुटीर
जया परवीन, केस वर्कर (FC)
सोनी, कर्मी सभी आवश्यक सरकारी व कानूनी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के उपरांत शाहजुरुन खातून अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी किशनगंज स्थित अपने गृह निवास के लिए रवाना हुईं।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Purnia, Bihar | Jun 16, 2026