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मंडला: बम्हनीबंजर में हरदहा समाज ने 27% जनसंख्या के आधार पर अधिकार की मांग को लेकर की चर्चा

Mandla, Mandla | Sep 15, 2025
ओबीसी जोड़ो अभियान के तहत हरदहा काछी समाज की बैठक हरदहा पंचायत भवन, बम्हनी बंजर में आयोजित की गई। सोमवार को चार बजे तक आयोजित इस बैठक में समाज की एकता को मजबूत करने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक ठोस रणनीति पर गहन चर्चा हुई। बैठक का संचालन संरक्षक गोपाल हरदहा और नरोत्तम हरदहा कोषाध्यक्ष ने किया।

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कैबिनेट मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्रीमती सम्पतिया उइके का दौरा कार्यक्रम
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
Sampatiya Uikey

कैबिनेट मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्रीमती सम्पतिया उइके का दौरा कार्यक्रम Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Sampatiya Uikey

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 14, 2026

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियाँ: माहिष्मती घाट पर नियमित योग अभ्यास

        आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा माहिष्मती घाट पर विशेष योग अभ्यास सत्र संचालित किया जा रहा है। रविवार 14 जून को भी प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन की भाँति योग अभ्यास सत्र में शामिल हुए और विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया।
        आयुष विभाग के मार्गदर्शन में 1 जून से जिला प्रशासन के सभी विभाग प्रमुखों एवं अधिकारियों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण एवं अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, ज्ञान मुद्रा, ध्यान मुद्रा, वज्रासन, श्वासन, नाड़ी शोधन, नाड़ी विभाजन तथा सूर्य नमस्कार सहित अनेक महत्वपूर्ण योगासन एवं प्राणायाम का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है।
          योग विशेषज्ञों द्वारा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी भी दी जा रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताया जा रहा है कि नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, कार्यक्षमता में वृद्धि होती है तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने में सहायता मिलती है।
          जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले सामूहिक योग कार्यक्रम में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी प्रभावी साबित हो रही है।

ज्ञान मुद्रा

      योग और ध्यान में सबसे प्रसिद्ध हस्तमुद्राओं में से एक है। इसे ज्ञान, एकाग्रता और मानसिक शांति की मुद्रा माना जाता है।

करने की विधि

1. आराम से बैठें (पद्मासन, सुखासन या कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं)।
2. तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) के अग्रभाग को अंगूठे के अग्रभाग से हल्के से मिलाएँ।
3. बाकी तीन उंगलियाँ सीधी और सहज रखें।
4. हथेलियाँ ऊपर की ओर रखते हुए हाथों को घुटनों पर रखें।
5. सामान्य श्वास लेते हुए ध्यान करें।

संभावित लाभ

’ एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक।
’ ध्यान के दौरान मन को शांत करने में मददगार।
’ तनाव और मानसिक बेचौनी कम करने में सहायक।
’ आत्म-जागरूकता और ध्यान की गहराई बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग की जाती है।

अवधि

’ प्रतिदिन 15-30 मिनट तक अभ्यास किया जा सकता है।
’ ध्यान या प्राणायाम के साथ करने पर कई लोग इसे अधिक लाभकारी मानते हैं।

सावधानी

          ज्ञान मुद्रा सामान्यतः सुरक्षित मानी जाती है। यदि बैठने में असुविधा हो तो कुर्सी पर बैठकर भी इसका अभ्यास किया जा सकता है।

ज्ञान मुद्रा का स्वरूप

       अंगूठे और तर्जनी के सिरों को मिलाकर एक छोटा वृत्त बनता है, जबकि बाकी तीन उंगलियाँ सीधी रहती हैं।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
Department of Ayush, Madhya Pradesh

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियाँ: माहिष्मती घाट पर नियमित योग अभ्यास आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा माहिष्मती घाट पर विशेष योग अभ्यास सत्र संचालित किया जा रहा है। रविवार 14 जून को भी प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन की भाँति योग अभ्यास सत्र में शामिल हुए और विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया। आयुष विभाग के मार्गदर्शन में 1 जून से जिला प्रशासन के सभी विभाग प्रमुखों एवं अधिकारियों के लिए विशेष योग प्रशिक्षण एवं अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, ज्ञान मुद्रा, ध्यान मुद्रा, वज्रासन, श्वासन, नाड़ी शोधन, नाड़ी विभाजन तथा सूर्य नमस्कार सहित अनेक महत्वपूर्ण योगासन एवं प्राणायाम का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। योग विशेषज्ञों द्वारा योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी भी दी जा रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताया जा रहा है कि नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, कार्यक्षमता में वृद्धि होती है तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने में सहायता मिलती है। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले सामूहिक योग कार्यक्रम में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी प्रभावी साबित हो रही है। ज्ञान मुद्रा योग और ध्यान में सबसे प्रसिद्ध हस्तमुद्राओं में से एक है। इसे ज्ञान, एकाग्रता और मानसिक शांति की मुद्रा माना जाता है। करने की विधि 1. आराम से बैठें (पद्मासन, सुखासन या कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं)। 2. तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) के अग्रभाग को अंगूठे के अग्रभाग से हल्के से मिलाएँ। 3. बाकी तीन उंगलियाँ सीधी और सहज रखें। 4. हथेलियाँ ऊपर की ओर रखते हुए हाथों को घुटनों पर रखें। 5. सामान्य श्वास लेते हुए ध्यान करें। संभावित लाभ ’ एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक। ’ ध्यान के दौरान मन को शांत करने में मददगार। ’ तनाव और मानसिक बेचौनी कम करने में सहायक। ’ आत्म-जागरूकता और ध्यान की गहराई बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग की जाती है। अवधि ’ प्रतिदिन 15-30 मिनट तक अभ्यास किया जा सकता है। ’ ध्यान या प्राणायाम के साथ करने पर कई लोग इसे अधिक लाभकारी मानते हैं। सावधानी ज्ञान मुद्रा सामान्यतः सुरक्षित मानी जाती है। यदि बैठने में असुविधा हो तो कुर्सी पर बैठकर भी इसका अभ्यास किया जा सकता है। ज्ञान मुद्रा का स्वरूप अंगूठे और तर्जनी के सिरों को मिलाकर एक छोटा वृत्त बनता है, जबकि बाकी तीन उंगलियाँ सीधी रहती हैं। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Ayush, Madhya Pradesh

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 14, 2026

शिक्षा सत्र की तैयारियों का निरीक्षण, आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

       आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 की तैयारियों के तहत 13 जून को क्षेत्रीय संयोजक श्री विष्णु सिंगौर द्वारा राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह शासकीय बालक छात्रावास, लिंगा पोंडी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षक अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण में छात्रों के आगमन से पूर्व खाद्यान्न एवं भोजन व्यवस्था के लिए आवश्यक सभी सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही छात्रावास परिसर, शौचालयों, स्नान कक्षों तथा रसोईघर की समुचित साफ-सफाई कराने के लिए कहा गया।
       निरीक्षण के दौरान छात्रावास में अतिरिक्त रसोईघर एवं बाउंड्रीवाल की आवश्यकता भी महसूस की गई। इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर जिला कार्यालय को भेजने तथा की गई कार्यवाही की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
Department of Tribal Welfare, Madhya Pradesh

शिक्षा सत्र की तैयारियों का निरीक्षण, आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 की तैयारियों के तहत 13 जून को क्षेत्रीय संयोजक श्री विष्णु सिंगौर द्वारा राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह शासकीय बालक छात्रावास, लिंगा पोंडी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षक अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण में छात्रों के आगमन से पूर्व खाद्यान्न एवं भोजन व्यवस्था के लिए आवश्यक सभी सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही छात्रावास परिसर, शौचालयों, स्नान कक्षों तथा रसोईघर की समुचित साफ-सफाई कराने के लिए कहा गया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास में अतिरिक्त रसोईघर एवं बाउंड्रीवाल की आवश्यकता भी महसूस की गई। इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर जिला कार्यालय को भेजने तथा की गई कार्यवाही की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Tribal Welfare, Madhya Pradesh

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 14, 2026

बड़ी खैरी वार्ड 15 में सीवर ओवरफ्लो से पेयजल संदूषण का खतरा
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने लिए जल नमूने

        विकासखंड मंडला के ग्राम पंचायत बड़ी खैरी के वार्ड क्रमांक 15 में सीवर लाइन से अपशिष्ट जल रिसाव और पेयजल पाइप लाइन के पास से गुजरने की शिकायत पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खंड मंडला ने स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि नगर पालिका द्वारा निर्मित सीवर लाइन में जल ओवरफ्लो होने से अपशिष्ट जल नाली में बह रहा है। इसी नाली के ऊपर से बिछाई गई पेयजल पाइप लाइन के कुछ घरेलू नल कनेक्शन के जॉइंट पूरी तरह जलरोधी नहीं पाए गए। इससे सीवर युक्त दूषित जल के पेयजल में मिलने की आशंका जताई गई है।
        संभावित प्रदूषण को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने वार्ड 15 के चार परिवारों के घरों से पेयजल के नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए भेजे हैं। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को सभी नल कनेक्शन के जॉइंट की तत्काल मरम्मत कराने और जल प्रदाय वॉल्व के पास पक्का चैंबर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सीवर लाइन निर्माण एजेंसी श्री राम कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के ऑपरेटर श्री संजू उपाध्याय को ओवरफ्लो की समस्या का तत्काल निराकरण करने को कहा गया।
        जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को जल शोधन के लिए जर्मेक्स का वितरण किया और इसके सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान सहायक यंत्री श्री विनेश उइके, जिला सलाहकार श्री एस.एस. श्रीवास्तव, सरपंच श्रीमती सीमा गोटियां और सचिव श्री उमेश बैरागी उपस्थित रहे। विभाग ने एजेंसी और पंचायत को सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
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CM Madhya Pradesh 
#mandla
Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh

बड़ी खैरी वार्ड 15 में सीवर ओवरफ्लो से पेयजल संदूषण का खतरा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने लिए जल नमूने विकासखंड मंडला के ग्राम पंचायत बड़ी खैरी के वार्ड क्रमांक 15 में सीवर लाइन से अपशिष्ट जल रिसाव और पेयजल पाइप लाइन के पास से गुजरने की शिकायत पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खंड मंडला ने स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि नगर पालिका द्वारा निर्मित सीवर लाइन में जल ओवरफ्लो होने से अपशिष्ट जल नाली में बह रहा है। इसी नाली के ऊपर से बिछाई गई पेयजल पाइप लाइन के कुछ घरेलू नल कनेक्शन के जॉइंट पूरी तरह जलरोधी नहीं पाए गए। इससे सीवर युक्त दूषित जल के पेयजल में मिलने की आशंका जताई गई है। संभावित प्रदूषण को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने वार्ड 15 के चार परिवारों के घरों से पेयजल के नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए भेजे हैं। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को सभी नल कनेक्शन के जॉइंट की तत्काल मरम्मत कराने और जल प्रदाय वॉल्व के पास पक्का चैंबर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सीवर लाइन निर्माण एजेंसी श्री राम कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के ऑपरेटर श्री संजू उपाध्याय को ओवरफ्लो की समस्या का तत्काल निराकरण करने को कहा गया। जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को जल शोधन के लिए जर्मेक्स का वितरण किया और इसके सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान सहायक यंत्री श्री विनेश उइके, जिला सलाहकार श्री एस.एस. श्रीवास्तव, सरपंच श्रीमती सीमा गोटियां और सचिव श्री उमेश बैरागी उपस्थित रहे। विभाग ने एजेंसी और पंचायत को सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Public Health Engineering, Madhya Pradesh

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 14, 2026

आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर आत्मनिर्भर बने मंडला के राजेंद्र सिंह

एम.ए. शिक्षित युवा ने नौकरी की बजाय खेती को चुना, बने जिले के प्रगतिशील कृषक

चिया सीड और किनोवा जैसी सुपर फूड फसलों से बदली किस्मत, आय हुई दोगुनी

         राज्य शासन द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने और पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों के जमीनी परिणाम अब दि खने लगे हैं। मंडला जिले के विकासखंड बिछिया के ग्राम घुघरी के निवासी श्री राजेंद्र सिंह पन्द्रे आज क्षेत्र के प्रगतिशील और सफल कृषकों में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। ग्रामीण परिवेश से जुड़े स्नातकोत्तर (एम.ए.) शिक्षित राजेंद्र सिंह ने पारंपरिक सोच से हटकर नौकरी की बजाय कृषि को अपनाकर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है।

कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना का मिला संबल

         शुरुआत में पारंपरिक खेती करने वाले राजेंद्र सिंह ने कृषि विभाग तथा आत्मा परियोजना के अधिकारियों से संपर्क किया। आत्मा योजना के विकासखंड तकनीकी प्रबंधक श्री ओमवीर सिंह रघुवंशी के तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर किए गए फील्ड विजिट से राजेंद्र सिंह का दृष्टिकोण बदला। उन्होंने विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर जैविक खेती, उन्नत बीज चयन, पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट नियंत्रण की आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों को सीखा।

सुपर फूड की खेती और लागत में कमी

         राजेंद्र सिंह ने अपने खेतों में नवाचार करते हुए पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली चिया सीड एवं किनोवा जैसी सुपर फूड फसलों की खेती प्रारंभ की। उन्होंने जीवामृत, जैविक खाद, बहुफसली एवं मिश्रित खेती प्रणाली को अपनाया, जिससे रासायनिक खादों पर होने वाला उनका खर्च लगभग समाप्त हो गया। खेती की लागत कम होने और उत्पादन बढ़ने से उनकी कृषि आय में दो गुना तक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

बी.आर.सी. की स्थापना और 400$ किसानों को मार्गदर्शन

        श्री राजेंद्र सिंह पन्द्रे की क्षमता को देखते हुए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उनके यहां बायो रिसोर्स केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र के माध्यम से वे स्वयं के उपयोग के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य किसानों को भी जीवामृत, नीमास्त्र जैसे जैविक इनपुट व उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं। वर्तमान में वे नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने गांव के लगभग 125 किसानों सहित बिछिया विकासखंड के विभिन्न क्लस्टरों के 300 से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर स्वावलंबी बना रहे हैं।

कटाई से पहले ही बिक जाती है उपज

        प्राकृतिक और शुद्ध पद्धति से उगाई गई उनकी फसलों की मांग बाजार में इस कदर है कि अब उन्हें अपनी उपज बेचने मंडी नहीं जाना पड़ता। उनकी फसल कटाई से पूर्व ही अच्छे दामों पर बुक हो जाती है। हाल ही में उन्होंने प्राकृतिक पद्धति से उत्पादित गेहूं को 2600 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल के प्रीमियम भाव पर विक्रय किया है, जो सामान्य बाजार दर से काफी अधिक है।

जिला स्तर पर हुए सम्मानित

        उत्कृष्ट कृषि पद्धतियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए राजेंद्र सिंह को आत्मा योजना के अंतर्गत प्रगतिशील कृषक के रूप में सम्मानित भी किया जा चुका है। उनकी इस सफलता में उनकी कड़ी मेहनत, नवाचार और परिवार के सहयोग के साथ-साथ शासन की कल्याणकारी योजनाओं का बड़ा योगदान रहा है।
        राजेंद्र सिंह कहते हैं मेहनत, नवाचार और प्राकृतिक खेती का संगम ही सफलता की असली पहचान है। यदि सही मार्गदर्शन और नई तकनीक को अपनाया जाए, तो कृषि को आत्मनिर्भरता और समृद्धि का सबसे मजबूत आधार बनाया जा सकता है। 
        आज श्री राजेंद्र सिंह पन्द्रे की यह सफलता की कहानी मंडला जिले ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के युवा किसानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हुई है।
Jansampark Madhya Pradesh 
CM Madhya Pradesh 
#mandla 
Department of Agriculture, Madhya Pradesh 
Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India

आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर आत्मनिर्भर बने मंडला के राजेंद्र सिंह एम.ए. शिक्षित युवा ने नौकरी की बजाय खेती को चुना, बने जिले के प्रगतिशील कृषक चिया सीड और किनोवा जैसी सुपर फूड फसलों से बदली किस्मत, आय हुई दोगुनी राज्य शासन द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने और पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों के जमीनी परिणाम अब दि खने लगे हैं। मंडला जिले के विकासखंड बिछिया के ग्राम घुघरी के निवासी श्री राजेंद्र सिंह पन्द्रे आज क्षेत्र के प्रगतिशील और सफल कृषकों में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। ग्रामीण परिवेश से जुड़े स्नातकोत्तर (एम.ए.) शिक्षित राजेंद्र सिंह ने पारंपरिक सोच से हटकर नौकरी की बजाय कृषि को अपनाकर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है। कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना का मिला संबल शुरुआत में पारंपरिक खेती करने वाले राजेंद्र सिंह ने कृषि विभाग तथा आत्मा परियोजना के अधिकारियों से संपर्क किया। आत्मा योजना के विकासखंड तकनीकी प्रबंधक श्री ओमवीर सिंह रघुवंशी के तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर किए गए फील्ड विजिट से राजेंद्र सिंह का दृष्टिकोण बदला। उन्होंने विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर जैविक खेती, उन्नत बीज चयन, पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट नियंत्रण की आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों को सीखा। सुपर फूड की खेती और लागत में कमी राजेंद्र सिंह ने अपने खेतों में नवाचार करते हुए पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली चिया सीड एवं किनोवा जैसी सुपर फूड फसलों की खेती प्रारंभ की। उन्होंने जीवामृत, जैविक खाद, बहुफसली एवं मिश्रित खेती प्रणाली को अपनाया, जिससे रासायनिक खादों पर होने वाला उनका खर्च लगभग समाप्त हो गया। खेती की लागत कम होने और उत्पादन बढ़ने से उनकी कृषि आय में दो गुना तक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बी.आर.सी. की स्थापना और 400$ किसानों को मार्गदर्शन श्री राजेंद्र सिंह पन्द्रे की क्षमता को देखते हुए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उनके यहां बायो रिसोर्स केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र के माध्यम से वे स्वयं के उपयोग के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य किसानों को भी जीवामृत, नीमास्त्र जैसे जैविक इनपुट व उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं। वर्तमान में वे नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने गांव के लगभग 125 किसानों सहित बिछिया विकासखंड के विभिन्न क्लस्टरों के 300 से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर स्वावलंबी बना रहे हैं। कटाई से पहले ही बिक जाती है उपज प्राकृतिक और शुद्ध पद्धति से उगाई गई उनकी फसलों की मांग बाजार में इस कदर है कि अब उन्हें अपनी उपज बेचने मंडी नहीं जाना पड़ता। उनकी फसल कटाई से पूर्व ही अच्छे दामों पर बुक हो जाती है। हाल ही में उन्होंने प्राकृतिक पद्धति से उत्पादित गेहूं को 2600 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल के प्रीमियम भाव पर विक्रय किया है, जो सामान्य बाजार दर से काफी अधिक है। जिला स्तर पर हुए सम्मानित उत्कृष्ट कृषि पद्धतियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए राजेंद्र सिंह को आत्मा योजना के अंतर्गत प्रगतिशील कृषक के रूप में सम्मानित भी किया जा चुका है। उनकी इस सफलता में उनकी कड़ी मेहनत, नवाचार और परिवार के सहयोग के साथ-साथ शासन की कल्याणकारी योजनाओं का बड़ा योगदान रहा है। राजेंद्र सिंह कहते हैं मेहनत, नवाचार और प्राकृतिक खेती का संगम ही सफलता की असली पहचान है। यदि सही मार्गदर्शन और नई तकनीक को अपनाया जाए, तो कृषि को आत्मनिर्भरता और समृद्धि का सबसे मजबूत आधार बनाया जा सकता है। आज श्री राजेंद्र सिंह पन्द्रे की यह सफलता की कहानी मंडला जिले ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के युवा किसानों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हुई है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh #mandla Department of Agriculture, Madhya Pradesh Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India

Mandla, Madhya Pradesh | Jun 14, 2026