रणविजय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि न मिलने पर डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि स्वर्गवासी पिता दिविया के नाम आवास स्वीकृत हुआ था। दो किस्तें पिता के खाते में आईं, मृत्यु के बाद योजना उनके नाम ट्रांसफर हुई। तीसरी किस्त उनके खाते में पहुंच गई, लेकिन दूसरी किस्त का कुछ हिस्सा पिता के खाते में फंसा है। रणविजय ने जांच व कार्रवाई की मांग की