केसठ प्रखंड में सरकारी कार्य से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रखंड मुख्यालय कार्यालय निर्माण के लिए वर्ष 2014 में कुछ रैयतधारी किसानों की जमीन चिह्नित की गई थी। उस समय जमीन का रेट एक लाख रुपये प्रति डिसमिल तय हुआ था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा और वर्षों में जमीन की कीमत बढ़ती चली गई।