युग पुरुष स्वामी विवेकानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर नमामि गंगे ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर स्वच्छता का मंत्र दिया । "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए" स्वामी विवेकानंद के सबसे प्रसिद्ध वचन का स्मरण दिलाते हुए स्वच्छ और स्वस्थ भारत का संकल्प लिया ।