अंतराष्ट्रीय बाल श्रम उन्मूलन दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित
बूंदी, 12 जून। अंतराष्ट्रीय बाल श्रम उन्मूलन दिवस 12 जून के उपलक्ष्य में श्रम विभाग, चाइल्ड लाईन, एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बूंदी जिले में होटलों, ढाबों, एवं अन्य स्थान जहां बालश्रम होने की संभावना रहती हैं, उनको चयनित कर संबंधित संस्थानों के मालिकों/ प्रतिनिधियों से बाल श्रम नहीं कराने के लिये घोषणा-पत्र भरवाये गये साथ ही भविष्य में कभी बाल श्रम नहीं कराने के लिये शपथ दिलवाई गई।
इस अवसर पर श्रम कल्याण अधिकारी अंकिता महर्षि ने बताया कि बाल श्रम बालक के सर्वांगीण विकास में बाधक हैं बालकों को बेहतर माहौल मिलें इसके लिये सब विभागों को मिलकर प्रयास करना चाहिये। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निकिता माथुर ने बाल श्रम कानून के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि बालश्रम कराने पर 6 माह से 2 साल तक की सजा का प्रावधान हैं। जिले के मुख्य बाजार, बस स्टैंड एवं औद्योगिक क्षेत्रों में टीम द्वारा निरीक्षण कर दुकानदारों व नियोजकों को बाल श्रम न करवाने हेतु शपथ दिलाई गई। पम्पलेट वितरण कर लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान जानकारी दी गई कि यदि कहीं भी बाल श्रम होता दिखाई दे तो आमजन तुरंत श्रम विभाग, पुलिस विभाग एवं टोल फ्री नंबर 18001806127 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
जिला श्रम अधिकारी ने सभी नागरिकों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडलों से अपील की है कि बच्चों को स्कूल भेजें। बाल श्रम मुक्त समाज बनाने में सहयोग करें। "बच्चों से कलम चलवाएं, मजदूरी नहीं" - इस संकल्प के साथ श्रम विभाग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान रेणु परिडवाल श्रम निरीक्षक, चाइल्ड हेल्प लाइन से रचना मीणा एवं मंजीत कौर उपस्थित रहे।