प्रधान प्रियंका पटेल ने बताया कि वह वर्ष 2022 के उपचुनाव में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई थीं। आरोप है कि उनके निर्वाचन के बाद भी पवन कुमार पटेल उसी ग्राम पंचायत में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत रहे, जो शासनादेश के विपरीत है। इसके बावजूद पंचायत में रहते हुए उन्होंने मनरेगा कार्यों में लगातार भ्रष्टाचार किया।