ये फाल्स नैरेटिव और पैरेलल रिएलिटी की सरकार है। ये सरकार कभी ग़लत हो ही नहीं सकती, ये प्रश्न पूछने वालों को देशद्रोही, इंसाफ़ के लिए लड़ने वालों को हिस्ट्रीशीटर बना देती है। तुम्हारी बातें इनकी कहाँ समझ में आयेंगी सोनम- इन्हें सिर्फ़ आज पेट भरना है, सबकी चोंच से दाने छीन कर सेठ के गोदाम में भरना है - अब चाहे गोदाम में दाना सड़ ही क्यों ना जाये।