कर्तव्य पर कुर्बान हुआ सारथी, क्या बसों की सुरक्षा अब भी दांव पर? लोहाघाट की इस दुखद घटना ने झकझोर कर रख दिया है। चालक बेनीराम थ्वाल ने अपनी जान देकर 34 यात्रियों की जान बचाई, लेकिन यह हादसा एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है—क्या हमारी रोडवेज बसों का मेंटेनेंस और तकनीकी जांच पर्याप्त है?
एक जांबाज चालक की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है? अगर बस के ब्रेक फेल होने की बात सही है, तो यह सिस्टम की भारी चूक है। हमें एक नायक तो मिल गया, लेकिन इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा मानकों की सख्त जरूरत है।
बेनीराम थ्वाल जी की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। प्रशासन से अनुरोध है कि बसों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
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Nainital, Nainital | Jun 3, 2026