डलमऊ: डलमऊ में होली नहीं, पहले मनाया जाता है तीन दिन का शोक, आज भी जिंदा है 1321 साल पुरानी शहादत
जहां पूरा देश रंगों में सराबोर होकर होली का जश्न मनाता है, वहीं ऐतिहासिक नगरी डलमऊ और उसके आसपास के 28 गांवों में रंगों से पहले शोक मनाया जाता है। यह परंपरा कोई नई नहीं, बल्कि करीब 1321 वर्ष पुरानी उस घटना से जुड़ी है, जब होली के दिन डलमऊ के वीर राजा राजा डलदेव ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर कर दिए थे।