जैसलमेर बुलडोजर कार्रवाई के पीड़ितों के बीच पहुंचे शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी, बोले— "गरीबों का आशियाना उजाड़ना स्वीकार नहीं, हर स्तर पर लड़ेंगे उनकी लड़ाई"
जैसलमेर। जैसलमेर में हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के बीच गुरुवार को शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी पहुंचे। उन्होंने प्रभावित बस्तियों का दौरा कर हालात का जायजा लिया, पीड़ित परिवारों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं और परेशानियों को विस्तार से सुना। इस दौरान विधायक भाटी ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर कार्रवाई से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
निरीक्षण के बाद धरनास्थल पर उपस्थित बड़ी संख्या में आमजन एवं प्रभावित परिवारों को संबोधित करते हुए विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि वे क्षेत्रवासियों के लगातार आ रहे फोन और शिकायतों के बाद स्वयं मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली कि लंबे समय से वहां निवास कर रहे भूमिहीन एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विरुद्ध बेदखली की कार्रवाई की जा रही है, जिसके कारण वे स्वयं वास्तविक स्थिति जानने के लिए पहुंचे।
भाटी ने कहा कि जिन परिवारों के राशन कार्ड, मतदाता पहचान, बिजली कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उसी स्थान के आधार पर स्वीकृत हुआ है तथा जो वर्षों से वहीं निवास कर रहे हैं, उन्हें इस प्रकार अचानक बेदखल करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वास्तव में भूमिहीन है और वर्षों से वहीं अपना आशियाना बनाकर रह रहा है, तो उसे उजाड़ने के बजाय उसके पुनर्वास और संरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि प्रभावशाली लोगों के मामलों में प्रशासन का रवैया अलग दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति का घर ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी होता है। ऐसे परिवारों के सिर से छत छीन लेना केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि उनके जीवन पर गहरा आघात है।
विधायक भाटी ने कहा कि उन्होंने मौके पर कई ऐसे परिवार देखे जिनकी कई पीढ़ियां वहीं रह रही हैं तथा अनेक बच्चों और महिलाओं के सामने आज रहने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं का जन्म भी उसी क्षेत्र में हुआ, उन्हें भी बेदखली का सामना करना पड़ रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदेश सरकार से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गरीबों के हितों के प्रति संवेदनशील है तो भूमिहीन परिवारों को वैकल्पिक भूमि एवं आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसी का भला नहीं कर सकती तो कम से कम गरीबों के वर्षों की मेहनत से बने आशियाने को न उजाड़े।
रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि एक ओर बड़ी-बड़ी औद्योगिक एवं मल्टीनेशनल कंपनियों को हजारों बीघा भूमि आवंटित की जा रही है, जबकि दूसरी ओर वास्तविक भूमिहीन और जरूरतमंद परिवारों को उनके घरों से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध खरीद-फरोख्त या भूमि माफिया गतिविधियों में संलिप्त है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन वास्तविक जरूरतमंद, गरीब और वर्षों से निवासरत परिवारों को एक समान मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है।
धरनास्थल से प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए विधायक भाटी ने कहा कि यदि वास्तविक भूमिहीन एवं पात्र परिवारों के विरुद्ध कानून की सीमाओं से परे जाकर कोई अन्यायपूर्ण या अनैतिक कार्रवाई की गई तो वे हर स्तर पर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जनआंदोलन से लेकर न्यायिक एवं लोकतांत्रिक सभी माध्यमों का सहारा लिया जाएगा।
उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि जिन परिवारों के पास वर्षों से निवास के दस्तावेज, सरकारी रिकॉर्ड अथवा अन्य प्रमाण उपलब्ध हैं, वे सभी दस्तावेज व्यवस्थित रूप से तैयार रखें ताकि वास्तविक पात्र परिवारों का पक्ष तथ्यों के साथ मजबूती से रखा जा सके।
अपने संबोधन के अंत में विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि पीड़ित परिवार स्वयं को अकेला न समझें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे गरीब, वंचित, शोषित और भूमिहीन परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
Ravindra Singh Bhati
Barmer, Barmer | Jul 10, 2026