रविवार दिनांक 5.7.2026 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के मोहली परिक्षेत्र में एक श्रमिक को बाघ ने घायल किया था श्रमिक एवं उनके साथ गस्त पर उपस्थित महिला वनरक्षक के द्वारा बताये गये विवरण अनुसार उनके द्वारा देखे गये बाघ के पंजे छोटे थे। घटना क्षेत्र में सर्च करने के दौरान दिनांक 7-7.2026 को एक बाघिन मिली थी जिसकी आयु लगभग 15 से 18 महीने थी और अनुमान था कि संभवतः यह वही बाघिन है जिसके द्वारा उक्त कर्मचारी पर हमला किया गया था। उक्त बाघिन के व्यवहार को समझने के लिए हाथियों के द्वारा सतत गस्त कर बाघिन के व्यवहार का निरीक्षण किया जा रहा था। कल दिनांक 8.7.2026 को हाथियों के महावत के द्वारा एवं बाद में स्थानीय अधिकारियों द्वारा अवलोकन में प्रतीत हुआ कि उक्त बाघ शावक कुछ दिनों से भूखा है और संभवतः उसके पिछले पैरों मे कोई चोट आदि है जिसके कारण उसके चलने की शैली सामान्य नहीं है इस संबंध में मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक को अवगत कराया गया एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक के द्वारा, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्य प्राणी विशेषज्ञ एवं चिकित्सक, डॉ. गुरुदत्त शर्मा को एवं सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेनसिक जबलपुर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर आकर उक्त बाघ के परीक्षण हेतु निर्देशित किया गया आज दिनांक 9.7.2026 को प्रातः 6:00 बजे से हाथियों द्वारा उक्त बाघिन की पुनः सर्चिंग प्रारम्भ की गई एवं बाघिन के मिलने के उपरांत वन्य प्राणी विशेषज्ञ के दल के द्वारा बाघिन को निश्चेतक किया गया परीक्षण के दौरान बाघिन का पेट लगभग खाली था और उसके पैरों में सूजन थी अतः आगामी विस्तृत परीक्षण एवं उपचार हेतु उसे सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक , जबलपुर हेतु रवाना किया गया है।
Rehli, Sagar | Jul 9, 2026