मोहंड रेंज में कथित अवैध वन गुर्जर डेरों को लेकर उठे सवाल, विभागीय संरक्षण के आरोप!!
_सहारनपुर। शिवालिक वन प्रभाग की मोहंड रेंज क्षेत्र के बूढ़ा वन पश्चिम में लालो नदी के पास कथित रूप से वन गुर्जरों के डेरों के बसे होने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार पलियो बीट, दिल्ली फार्म के पास वर्ष 2020 के वृक्षारोपण क्षेत्र में भी कथित तौर पर कुछ डेरे मौजूद हैं। आरोप है कि इन डेरों को कुछ विभागीय कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त है।विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार मोहंड रेंज में डाकिया के पद पर तैनात गनी पुत्र यूसुफ के पास पांच भैंस चराने का परमिट बताया जा रहा है, जबकि उसके पास करीब 70 से 80 भैंसें होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों का दावा है कि संबंधित डेरा का परमिट 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक के लिए था, जबकि इसके बाद भी डेरा होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।बताया गया है कि मामला मोहंड रेंज के बुढ़ावन पश्चिमी बीट में लालो नदी के किनारे स्थित वर्ष 2020 के प्लांटेशन क्षेत्र से जुड़ा है। यदि निर्धारित परमिट से अधिक पशु रखे जाने और वन क्षेत्र में निर्धारित अवधि के बाद भी डेरा होने की बात सही पाई जाती है, तो यह वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है?? मामले में जानकारी के लिए मोहंड रेंज के रेंजर लव सिंह से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसा कोई प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में इस तरह का कोई मामला पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब देखने वाली बात होगी कि वन विभाग की जांच में कथित अवैध डेरों, परमिट की अवधि और निर्धारित संख्या से अधिक पशु रखे जाने के आरोपों की क्या सच्चाई सामने आती है। साथ ही विभागीय संरक्षण के लगाए जा रहे आरोपों की भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी!!नोट: खबर में लगाए गए आरोप सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी!!!_