महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा, शिमला में कुत्तों के आतंक पर लगेगी लगाम, डॉग शेल्टर विस्तार के लिए 18 लाख रुपये मंजूर
शिमला। शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और लोगों की सुरक्षा को लेकर नगर निगम शिमला ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर में कुत्तों का आतंक काफी बढ़ गया है और इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि टुटीकंडी स्थित डॉग शेल्टर के विस्तार के लिए 18 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा नई जगह पर डॉग शेल्टर स्थापित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
महापौर ने हाल ही में आईजीएमसी में उपचाराधीन एक छोटी बच्ची का जिक्र करते हुए घटना पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि दो साल से कम उम्र की बच्ची को कुत्ते ने बुरी तरह काटा था। महापौर के अनुसार, वह स्वयं आईजीएमसी गए थे और बच्ची के परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने पुष्टि की कि बच्ची पर हमला करने वाले कुत्ते को पकड़ लिया गया है।
सुरेंद्र चौहान ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर पिछले दिन बैठक भी की थी, जिसमें नगर निगम आयुक्त को एक सप्ताह के भीतर डॉग शेल्टर के लिए जगह तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। टुटीकंडी डॉग शेल्टर के विस्तार के साथ-साथ नई जगह पर आश्रय स्थल बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि आक्रामक कुत्तों और अन्य कुत्तों को रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था हो सके।
उन्होंने कहा कि तीन तारीख से कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी का कार्य बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा से जुड़ी समस्या के समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
महापौर ने बताया कि इस मामले को लेकर नगर निगम ने माननीय उच्च न्यायालय में भी अपना पक्ष रखा है। अक्टूबर में 12 या 13 तारीख को होने वाली सुनवाई के दौरान नगर निगम अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को मजबूती से रखेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत किसी आक्रामक कुत्ते को पकड़ने के बाद चौथे दिन उसे दोबारा उसी स्थान पर छोड़ना पड़ता है। नगर निगम चाहता है कि ऐसे कुत्तों को शेल्टर में रखने की अनुमति मिले, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि कुत्तों की नसबंदी के बाद उन्हें तीन से चार दिन तक देखरेख में रखना पड़ता है। इसके लिए पर्याप्त जगह की आवश्यकता है। नगर निगम इस संबंध में पशुपालन विभाग और अन्य संबंधित विभागों से सहयोग की अपेक्षा कर रहा है, ताकि नसबंदी के बाद कुत्तों को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखा जा सके। इन सभी मुद्दों को उच्च न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा।
फीडिंग प्वाइंट के बाहर खाना डालने वालों पर हो सकती है कार्रवाई
महापौर सुरेंद्र चौहान ने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित फीडिंग प्वाइंट पर ही कुत्तों को खाना खिलाएं। उन्होंने कहा कि जगह-जगह भोजन डालने से कुत्ते एकत्रित हो जाते हैं, जिससे कई बार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि निर्धारित फीडिंग प्वाइंट की व्यवस्था का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है और इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं को भी सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति इधर-उधर कुत्तों के लिए खाना फेंकता पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माने सहित सख्त कार्रवाई की जा सकती है। महापौर ने कहा कि नगर निगम इस समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से काम कर रहा है और डॉग शेल्टर के विस्तार, नई जगह की तलाश, टीकाकरण तथा नसबंदी जैसे कदम उठाकर शहरवासियों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।