यह कहानी एक ऐसे शिक्षक और छात्र की है, जो बताती है कि शिक्षा आपको केवल बड़ा इंसान नहीं, एक नेक इंसान भी बनाती है।
कर्नाटक के हावेरी जिले के हंगल कस्बे में स्थित कुमरेश्वर हाई स्कूल के शिक्षक सी. एस. वस्त्रद रिटायर हुए। उनके सम्मान में स्कूल के पूर्व छात्रों ने एक भव्य विदाई समारोह आयोजित किया, जिसमें 1,000 से ज़्यादा पूर्व छात्र शामिल हुए थे।
इसी समारोह में उनके एक पूर्व छात्र नवीन हुलीहळ्ळी ने सभी को भावुक कर दिया। नवीन ने अपने शिक्षक को एक नई कार भेंट की। यह सिर्फ एक उपहार नहीं था, बल्कि अपने गुरु के प्रति आभार व्यक्त करने का तरीका था।
बचपन में ही नवीन ने अपने पिता को खो दिया और उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुज़र रहा था। उस कठिन समय में उनके टीचर, सी. एस. वस्त्रद ने उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद की और सालों तक उनकी स्कूल फ़ीस भरी।
उनके इसी सहयोग से नवीन अपनी शिक्षा पूरी कर पाए और आज बेंगलुरु की एक MNC में काम कर रहे हैं।
अपने शिक्षक के रिटायरमेंट पर नवीन ने कहा- "आज जो कुछ भी मैं हूँ, उसमें मेरे गुरु का सबसे बड़ा योगदान है।" और उनके जीवन के इस खास मौके पर उन्हें कार उपहार में देकर धन्यवाद कहा।
यह पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावुक था। शिक्षक और छात्र दोनों की आंखें नम थीं।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि एक अच्छा शिक्षक केवल पढ़ना लिखना नहीं सिखाता, बल्कि अपने छात्रों के भविष्य को संवारता है, उनके जीवन पर गहरा असर छोड़ जाता है।