तीज उत्सव में नन्हे कलाकारों ने बिखेरी परंपरा और संस्कृति की छटा, पारंपरिक वेशभूषा में बच्चों ने मोहा मन
डबवाली।
मॉडर्न मॉन्टेसरी स्कूल एवं मास्टर माइंड किंडर गार्टन में तीज पर्व पारंपरिक उल्लास, रंग-बिरंगे सांस्कृतिक माहौल और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में प्री-नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों व पारंपरिक वेशभूषा से सभी का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह पंजाबी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। नन्हीं बालिकाएं रंग-बिरंगे पंजाबी परिधानों में सजी-धजी, हाथों में पंखे, मटकियां और चरखे लिए बेहद मनमोहक दिखाई दीं। बालों में परांदे, माथे पर टिक्का, हाथों में मेहंदी और रंग-बिरंगी चूड़ियों ने उनकी सुंदरता में चार चांद लगा दिए। वहीं बालक कुर्ता-चादरा, गले में कंठा और सिर पर तुरलेदार पगड़ी पहनकर पंजाबी विरसे की जीवंत झलक प्रस्तुत कर रहे थे।
प्रतियोगिता के दौरान मास्टर माइंड किंडर गार्टन में प्री-नर्सरी से यूकेजी वर्ग में रुतवी, लावण्या, आरना, आहाना, चाहत, आरुष मित्तल, जिया, बाणी जैन, जोयल और भूवी ने टॉप-10 में स्थान प्राप्त किया। वहीं मॉडर्न मॉन्टेसरी स्कूल में विवान मिढा, तकदीर(प्री नर्सरी), महकदीप, जपनीत, आदविक, सुखमन, गुरसीरत, गुरकीरत, तकदीर (एलकेजी), समरीत (यूकेजी) तथा गगनदीप ने टॉप-11 में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्थान बनाया।
विद्यालय की प्रिंसिपल डिंपल मिढा ने बच्चों को तीज पर्व के सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पारिवारिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और विशेष रूप से पंजाबी विरसे की समृद्ध परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और लोक संस्कृति का प्रतीक है। पंजाब की पहचान उसकी जीवंत संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक पहनावा तथा दूध, दही, मक्खन, चाटी वाली लस्सी और सरसों के साग जैसे पारंपरिक व्यंजनों से होती है। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक समिति के सदस्य अंकुर मिढा, कोऑर्डिनेटर स्वीटी मिढा, वाइस प्रिंसिपल राजीव अनेजा, संयम मिढा, निधि मिढा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। विद्यालय परिसर दिनभर लोकगीतों, रंग-बिरंगी वेशभूषा और उत्सव की उमंग से सराबोर रहा।
Dabwali, Sirsa | Aug 6, 2026