सात मोड़ के निर्दोष पेड़..., इंसानों को खुश होना चाहिए, क्योंकि पेड़ों ने एक बार फिर उनके लिए बलिदान दे दिया। आखिर वो धरती पर इंसानों के लिए ही तो खड़े हैं...जंगल में से कुछ हजार कट गए तो क्या फर्क पड़ता है...ऑक्सीजन तो सिलेंडरों से मिल जाएगी और रही बात साफ हवा और पानी की...वो तो प्यूरीफायर हमने बहुत पहले ही बना लिए...अब पेड़ों की क्या जरूरत है।