जिले में इस साल नरवाई जलाने के मामलों में कमी दर्ज की गई है। पिछले साल 150 से अधिक मामलों के मुकाबले इस बार करीब 40 मामले सामने आए हैं।बुधवार दोपहर 2 बजे बताया कि प्रशासन द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान और मशीनों की उपलब्धता को इसका कारण बताया जा रहा है।