जिले में 116 मजरे-टोलों के विद्युतीकरण लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 13 में ही काम पूरा हुआ है। 2030 तक 2030 परिवारों को बिजली देने का लक्ष्य है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 272 परिवारों तक ही कनेक्शन पहुंच सका है। टेंडर में देरी से काम धीमा रहा, कई गांव अब भी अंधेरे में हैं।