छतरपुर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजनगर थाना क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव से प्रसव पीड़ा में लाई गई गर्भवती महिला का अस्पताल में समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप है। परिजनों का कहना है कि स्टाफ की लापरवाही के कारण महिला ने अस्पताल की लिफ्ट के पास स्थित गैलरी में ही बच्चे को जन्म दिया।परिजनों के अनुसार वे प्रसूता को निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल पहुंचने के बाद करीब 10 से 15 मिनट तक डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों की तलाश में भटकते रहे, लेकिन समय पर किसी ने सहायता नहीं की। उनका आरोप है कि प्रसूता की गंभीर स्थिति के बावजूद उसे तत्काल बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। जिस कारण से वह खुद लेकर जा रहे थे तभी लिफ्ट के पास ही प्रसव हो गया।,बताया गया कि दर्द से कराहती महिला जैसे ही लिफ्ट के पास पहुंची, वहीं गैलरी में उसकी डिलीवरी हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।,घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने प्रसूता और नवजात को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। वही सिविल सर्जन भी स्वीकार करते है कि मरीज आने पर देरी तो होती है लेकिन अब व्यवस्था बदली जायेगी।
हिमांशु अग्रवाल
छतरपुर