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#PragyaMishra #PragyakaPanna क्या जनसंख्या कानून से मुसलमानों को डरना चाहिए ? आसान भाषा में समझिए |

Hamirpur, Hamirpur | Jul 17, 2021

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Lucknow agnicand

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Hamirpur, Hamirpur | Jun 23, 2026

💍 बड़ी खुशखबरी!

OBC परिवारों की बेटियों की शादी पर मिलेगा ₹20,000 अनुदान

✅ हमीरपुर को 771 लाभार्थियों के लिए ₹1.54 करोड़ का बजट

📌 पात्रता: • अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक वर्ग छोड़कर)
• वार्षिक आय ₹1 लाख से कम
• ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य

📅 विवाह से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक कर सकते हैं आवेदन

अभी करें आवेदन, पाएं सरकारी सहायता!

प्रेस विज्ञप्ति
जिला सूचना कार्यालय, हमीरपुर
दिनांक : 23 जून, 2026

*पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के तहत पात्र परिवारों को मिलेगा ₹20 हजार का अनुदान*

हमीरपुर। अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक समुदाय को छोड़कर) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पुत्रियों के विवाह में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित शादी अनुदान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद हमीरपुर को 771 लाभार्थियों हेतु ₹154.20 लाख का बजट आवंटित किया गया है।

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी श्री अमित सोनकर ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पुत्री के विवाह हेतु ₹20,000 की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करने के उपरांत समस्त आवश्यक अभिलेखों सहित आवेदन पत्र संबंधित उप जिलाधिकारी अथवा खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सात दिवस के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन विवाह की तिथि से 90 दिन पूर्व अथवा विवाह की तिथि के 90 दिन बाद तक किया जा सकता है। योजना का लाभ केवल अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक वर्ग को छोड़कर) के ऐसे निर्धन परिवारों को मिलेगा, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र दोनों में ₹1 लाख से अधिक न हो।

आवेदन के साथ तहसीलदार द्वारा निर्गत आय एवं जाति प्रमाण पत्र, विवाह कार्ड, वर एवं वधु के आधार कार्ड अथवा आयु प्रमाण पत्र, आवेदक का आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की प्रति संलग्न करना आवश्यक है। पिता की मृत्यु की स्थिति में माता का आय एवं जाति प्रमाण पत्र मान्य होगा। विवाह कार्ड पर ग्राम प्रधान अथवा सभासद का प्रमाणन भी आवश्यक है।

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि आवेदनकर्ता एवं पुत्री का मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है, जिससे आवेदन की प्रक्रिया एवं सत्यापन कार्य सुगमता से संपन्न हो सके।

उन्होंने जनपद के पात्र परिवारों से समय से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त करने की अपील की है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, विकास भवन, हमीरपुर (कक्ष संख्या-104) से प्राप्त की जा सकती है।
District Magistrate Hamirpur up 
MYogiAdityanath 
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💍 बड़ी खुशखबरी! OBC परिवारों की बेटियों की शादी पर मिलेगा ₹20,000 अनुदान ✅ हमीरपुर को 771 लाभार्थियों के लिए ₹1.54 करोड़ का बजट 📌 पात्रता: • अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक वर्ग छोड़कर) • वार्षिक आय ₹1 लाख से कम • ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य 📅 विवाह से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक कर सकते हैं आवेदन अभी करें आवेदन, पाएं सरकारी सहायता! प्रेस विज्ञप्ति जिला सूचना कार्यालय, हमीरपुर दिनांक : 23 जून, 2026 *पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के तहत पात्र परिवारों को मिलेगा ₹20 हजार का अनुदान* हमीरपुर। अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक समुदाय को छोड़कर) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पुत्रियों के विवाह में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित शादी अनुदान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद हमीरपुर को 771 लाभार्थियों हेतु ₹154.20 लाख का बजट आवंटित किया गया है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी श्री अमित सोनकर ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पुत्री के विवाह हेतु ₹20,000 की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करने के उपरांत समस्त आवश्यक अभिलेखों सहित आवेदन पत्र संबंधित उप जिलाधिकारी अथवा खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सात दिवस के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन विवाह की तिथि से 90 दिन पूर्व अथवा विवाह की तिथि के 90 दिन बाद तक किया जा सकता है। योजना का लाभ केवल अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक वर्ग को छोड़कर) के ऐसे निर्धन परिवारों को मिलेगा, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र दोनों में ₹1 लाख से अधिक न हो। आवेदन के साथ तहसीलदार द्वारा निर्गत आय एवं जाति प्रमाण पत्र, विवाह कार्ड, वर एवं वधु के आधार कार्ड अथवा आयु प्रमाण पत्र, आवेदक का आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की प्रति संलग्न करना आवश्यक है। पिता की मृत्यु की स्थिति में माता का आय एवं जाति प्रमाण पत्र मान्य होगा। विवाह कार्ड पर ग्राम प्रधान अथवा सभासद का प्रमाणन भी आवश्यक है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि आवेदनकर्ता एवं पुत्री का मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है, जिससे आवेदन की प्रक्रिया एवं सत्यापन कार्य सुगमता से संपन्न हो सके। उन्होंने जनपद के पात्र परिवारों से समय से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त करने की अपील की है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, विकास भवन, हमीरपुर (कक्ष संख्या-104) से प्राप्त की जा सकती है। District Magistrate Hamirpur up MYogiAdityanath ---------------------------

Hamirpur, Hamirpur | Jun 23, 2026

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित करने हेतु आवेदन आमंत्रित*

District Magistrate Hamirpur up 
प्रेस विज्ञप्ति
जिला सूचना कार्यालय, हमीरपुर
दिनांक : 23 जून, 2026

*राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित करने हेतु आवेदन आमंत्रित*

हमीरपुर। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैव-अदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) के अंतर्गत जनपद में बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए पात्र एवं इच्छुक व्यक्तियों, संस्थाओं एवं संगठनों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

उप कृषि निदेशक, हमीरपुर ने बताया कि बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर एक उद्यम के रूप में कार्य करेगा, जहां स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक जैव-अदान तैयार कर उन किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे जो स्वयं इनका उत्पादन करने में सक्षम नहीं हैं। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राकृतिक खेती क्लस्टरों में एक बीआरसी की स्थापना का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि बीआरसी का संचालन अभ्यासरत प्राकृतिक किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), प्राथमिक सहकारी समितियां, सहकारी संस्थाएं अथवा स्थानीय उद्यमी कर सकते हैं। साथ ही गौशाला संचालित करने वाली संस्थाओं को चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

बीआरसी की परिकल्पना केवल जैव-अदान उत्पादन केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक खेती से जुड़े ज्ञान, अनुभव एवं तकनीकी जानकारी के प्रसार केंद्र के रूप में भी की गई है। इसके माध्यम से किसानों को प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

पात्रता की शर्तों के अनुसार इच्छुक आवेदक के पास देशी गाय, पौध आधारित बायोमास सहित आवश्यक कच्ची सामग्री की उपलब्धता होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त घनजीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क एवं ब्रह्मास्त्र जैसे प्राकृतिक जैव-अदान तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव होना आवश्यक है। आवेदक के पास पर्याप्त मात्रा में गोबर एवं गौमूत्र की उपलब्धता तथा उत्पादन एवं आपूर्ति के लिए पर्याप्त श्रमिक भी होने चाहिए।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करने से पूर्व चयन मानकों एवं अन्य आवश्यक जानकारी के लिए कार्यालय उप कृषि निदेशक, हमीरपुर से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन पत्र विज्ञप्ति के प्रकाशन की तिथि से पांच कार्य दिवस के भीतर कार्यालय उप कृषि निदेशक, हमीरपुर में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित अवधि के पश्चात प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

जनपद के इच्छुक प्राकृतिक कृषकों, किसान संगठनों एवं उद्यमियों से इस योजना का लाभ उठाते हुए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने में सहभागिता करने की अपील की गई है।

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राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित करने हेतु आवेदन आमंत्रित* District Magistrate Hamirpur up प्रेस विज्ञप्ति जिला सूचना कार्यालय, हमीरपुर दिनांक : 23 जून, 2026 *राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित करने हेतु आवेदन आमंत्रित* हमीरपुर। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैव-अदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) के अंतर्गत जनपद में बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए पात्र एवं इच्छुक व्यक्तियों, संस्थाओं एवं संगठनों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उप कृषि निदेशक, हमीरपुर ने बताया कि बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर एक उद्यम के रूप में कार्य करेगा, जहां स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक जैव-अदान तैयार कर उन किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे जो स्वयं इनका उत्पादन करने में सक्षम नहीं हैं। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राकृतिक खेती क्लस्टरों में एक बीआरसी की स्थापना का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि बीआरसी का संचालन अभ्यासरत प्राकृतिक किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), प्राथमिक सहकारी समितियां, सहकारी संस्थाएं अथवा स्थानीय उद्यमी कर सकते हैं। साथ ही गौशाला संचालित करने वाली संस्थाओं को चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। बीआरसी की परिकल्पना केवल जैव-अदान उत्पादन केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक खेती से जुड़े ज्ञान, अनुभव एवं तकनीकी जानकारी के प्रसार केंद्र के रूप में भी की गई है। इसके माध्यम से किसानों को प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पात्रता की शर्तों के अनुसार इच्छुक आवेदक के पास देशी गाय, पौध आधारित बायोमास सहित आवश्यक कच्ची सामग्री की उपलब्धता होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त घनजीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क एवं ब्रह्मास्त्र जैसे प्राकृतिक जैव-अदान तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव होना आवश्यक है। आवेदक के पास पर्याप्त मात्रा में गोबर एवं गौमूत्र की उपलब्धता तथा उत्पादन एवं आपूर्ति के लिए पर्याप्त श्रमिक भी होने चाहिए। उप कृषि निदेशक ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करने से पूर्व चयन मानकों एवं अन्य आवश्यक जानकारी के लिए कार्यालय उप कृषि निदेशक, हमीरपुर से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन पत्र विज्ञप्ति के प्रकाशन की तिथि से पांच कार्य दिवस के भीतर कार्यालय उप कृषि निदेशक, हमीरपुर में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित अवधि के पश्चात प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। जनपद के इच्छुक प्राकृतिक कृषकों, किसान संगठनों एवं उद्यमियों से इस योजना का लाभ उठाते हुए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने में सहभागिता करने की अपील की गई है। --------------------------

Hamirpur, Hamirpur | Jun 23, 2026

औषधीय, शंकर शाकभाजी एवं मसाला फसलों की खेती पर किसानों को मिलेगा अनुदान*

औषधीय, शंकर शाकभाजी एवं मसाला फसलों की खेती पर किसानों को मिलेगा अनुदान*

District Magistrate Hamirpur up 
हमीरपुर। जनपद के कृषकों की आय बढ़ाने तथा उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल विस्तार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत औषधीय, शंकर शाकभाजी एवं मसाला फसलों की खेती पर आकर्षक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास अभियान एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत औषधीय फसल तुलसी की खेती पर अनुमन्य लागत ₹1.50 लाख प्रति हेक्टेयर का 40 प्रतिशत अर्थात ₹60,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान देय है। यह सहायता रोपण सामग्री एवं अन्य निवेश मदों के लिए प्रति कृषक अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक उपलब्ध कराई जाएगी।

इसी प्रकार शंकर शाकभाजी कार्यक्रम के अंतर्गत टमाटर, भिंडी, कद्दू, लौकी, तरोई, बैंगन, खीरा आदि सब्जी फसलों की खेती पर ₹60,000 प्रति हेक्टेयर लागत का 40 प्रतिशत अर्थात ₹24,000 प्रति हेक्टेयर की राज्य सहायता प्रदान की जाएगी।

मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत प्याज एवं लहसुन की खेती करने वाले कृषकों को ₹50,000 प्रति हेक्टेयर लागत का 40 प्रतिशत अर्थात ₹20,000 प्रति हेक्टेयर की राज्य सहायता अनुमन्य है।

उन्होंने बताया कि इच्छुक कृषक उद्यान विभाग के पोर्टल www.dbt.uphorticulture.in पर पंजीकरण कर आवेदन कर सकते हैं तथा आवेदन पत्र आवश्यक अभिलेखों सहित 10 जुलाई, 2026 तक कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, हमीरपुर में जमा कर सकते हैं। पंजीकरण हेतु खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, मोबाइल नंबर एवं पासपोर्ट आकार का फोटो आवश्यक होगा।

इसके अतिरिक्त योजना के लाभार्थियों को "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" (माइक्रो इरिगेशन) योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। इस योजना में सामान्य कृषकों को 65 से 75 प्रतिशत तथा लघु एवं सीमान्त कृषकों को 80 से 90 प्रतिशत तक राजकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इच्छुक कृषक विभाग में तैनात क्षेत्रीय निरीक्षकों अथवा कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, हमीरपुर से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु जिला उद्यान अधिकारी के सीयूजी नंबर 9151066893 तथा सहायक उद्यान निरीक्षक श्री सौभाग्य चन्द्र सोनी के मोबाइल नंबर 7703051906 पर संपर्क किया जा सकता है।

औषधीय, शंकर शाकभाजी एवं मसाला फसलों की खेती पर किसानों को मिलेगा अनुदान* औषधीय, शंकर शाकभाजी एवं मसाला फसलों की खेती पर किसानों को मिलेगा अनुदान* District Magistrate Hamirpur up हमीरपुर। जनपद के कृषकों की आय बढ़ाने तथा उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल विस्तार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत औषधीय, शंकर शाकभाजी एवं मसाला फसलों की खेती पर आकर्षक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास अभियान एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत औषधीय फसल तुलसी की खेती पर अनुमन्य लागत ₹1.50 लाख प्रति हेक्टेयर का 40 प्रतिशत अर्थात ₹60,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान देय है। यह सहायता रोपण सामग्री एवं अन्य निवेश मदों के लिए प्रति कृषक अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक उपलब्ध कराई जाएगी। इसी प्रकार शंकर शाकभाजी कार्यक्रम के अंतर्गत टमाटर, भिंडी, कद्दू, लौकी, तरोई, बैंगन, खीरा आदि सब्जी फसलों की खेती पर ₹60,000 प्रति हेक्टेयर लागत का 40 प्रतिशत अर्थात ₹24,000 प्रति हेक्टेयर की राज्य सहायता प्रदान की जाएगी। मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत प्याज एवं लहसुन की खेती करने वाले कृषकों को ₹50,000 प्रति हेक्टेयर लागत का 40 प्रतिशत अर्थात ₹20,000 प्रति हेक्टेयर की राज्य सहायता अनुमन्य है। उन्होंने बताया कि इच्छुक कृषक उद्यान विभाग के पोर्टल www.dbt.uphorticulture.in पर पंजीकरण कर आवेदन कर सकते हैं तथा आवेदन पत्र आवश्यक अभिलेखों सहित 10 जुलाई, 2026 तक कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, हमीरपुर में जमा कर सकते हैं। पंजीकरण हेतु खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, मोबाइल नंबर एवं पासपोर्ट आकार का फोटो आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त योजना के लाभार्थियों को "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" (माइक्रो इरिगेशन) योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। इस योजना में सामान्य कृषकों को 65 से 75 प्रतिशत तथा लघु एवं सीमान्त कृषकों को 80 से 90 प्रतिशत तक राजकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इच्छुक कृषक विभाग में तैनात क्षेत्रीय निरीक्षकों अथवा कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, हमीरपुर से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु जिला उद्यान अधिकारी के सीयूजी नंबर 9151066893 तथा सहायक उद्यान निरीक्षक श्री सौभाग्य चन्द्र सोनी के मोबाइल नंबर 7703051906 पर संपर्क किया जा सकता है।

Hamirpur, Hamirpur | Jun 23, 2026

हमीरपुर यमुना पुल पर मरम्मत कार्य के दृष्टिगत 26 से 28 जून तक रात्रिकालीन यातायात रहेगा प्रतिबंधित : जिलाधिकारी*

हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने जनपदवासियों को अवगत कराया है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा हमीरपुर स्थित यमुना पुल पर बिटुमिनस ओवरले (सड़क मरम्मत) कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। पुल पर भारी यातायात दबाव एवं सीमित चौड़ाई के कारण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य संपादित करने हेतु यातायात को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने बताया कि एनएचएआई के अनुरोध पर जनसुरक्षा एवं कार्य की गुणवत्ता को दृष्टिगत रखते हुए 26 जून, 27 जून एवं 28 जून, 2026 को प्रतिदिन रात्रि 08:00 बजे से प्रातः 08:00 बजे तक यमुना पुल पर यातायात पूर्णतः बंद रहेगा। इस अवधि में पुल पर बिटुमिनस ओवरले का कार्य कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने एवं आमजन को असुविधा से बचाने क

हमीरपुर यमुना पुल पर मरम्मत कार्य के दृष्टिगत 26 से 28 जून तक रात्रिकालीन यातायात रहेगा प्रतिबंधित : जिलाधिकारी* हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने जनपदवासियों को अवगत कराया है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा हमीरपुर स्थित यमुना पुल पर बिटुमिनस ओवरले (सड़क मरम्मत) कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। पुल पर भारी यातायात दबाव एवं सीमित चौड़ाई के कारण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य संपादित करने हेतु यातायात को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है। जिलाधिकारी ने बताया कि एनएचएआई के अनुरोध पर जनसुरक्षा एवं कार्य की गुणवत्ता को दृष्टिगत रखते हुए 26 जून, 27 जून एवं 28 जून, 2026 को प्रतिदिन रात्रि 08:00 बजे से प्रातः 08:00 बजे तक यमुना पुल पर यातायात पूर्णतः बंद रहेगा। इस अवधि में पुल पर बिटुमिनस ओवरले का कार्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने एवं आमजन को असुविधा से बचाने क

Hamirpur, Hamirpur | Jun 23, 2026