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मोहनपुर प्रखंड सिंधुगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रामचक के 59 वर्षीय खेलावन मांझी को आहर में डूबने सोई मौत

23.4k views | Gaya Town CD Block, Gaya | Nov 10, 2024

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जगन्नाथ रथ यात्रा।
#gaya #bihar #Jagannath #rathyatra2025 #rathyatra

जगन्नाथ रथ यात्रा। #gaya #bihar #Jagannath #rathyatra2025 #rathyatra

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 14, 2026

*गया में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना की बड़ी सफलता*

*914 घरों की छतों पर लगे सोलर प्लांट, बिजली बिल में भारी राहत; लाभार्थियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति जताया आभार*

गया, 14 जुलाई 2026: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी "पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना" गया जिले में तेजी से सफलता की नई इबारत लिख रही है। आम नागरिकों को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा बिजली बिल के आर्थिक बोझ से राहत दिलाने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक जिले के 914 आवासीय उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं।

    इस योजना के माध्यम से जिले में न केवल नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ भारत अभियान को भी नई गति मिल रही है। सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद अधिकांश लाभार्थियों के मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है तथा कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग नगण्य हो गया है।
लाभार्थियों में उत्साह, सरकार के प्रति जताया आभार
योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सभी उपभोक्ताओं ने इस पहल को अत्यंत लाभकारी और जनहितकारी बताते हुए भारत सरकार तथा विद्युत विभाग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
      लाभार्थियों का कहना है कि पहले जहां हर महीने बिजली बिल का अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था, वहीं अब सौर ऊर्जा के माध्यम से घर की अधिकांश बिजली आवश्यकता पूरी हो रही है। इससे परिवार की मासिक बचत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार द्वारा स्वीकृत सब्सिडी (अनुदान) की राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल एवं विश्वासपूर्ण बनी। समय पर सब्सिडी मिलने से आम लोगों में इस योजना के प्रति विश्वास और उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

*कार्यपालक अभियंता की अपील*
*विद्युत विभाग, गया के कार्यपालक अभियंता ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि*—
"पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना गया जिले के प्रत्येक परिवार के लिए एक सुनहरा अवसर है। सभी नागरिक इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कराएं और बिजली बिल के बोझ से स्थायी राहत प्राप्त करें। सरकार द्वारा दी जा रही आकर्षक सब्सिडी का लाभ लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें तथा स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल गया के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।"

*योजना की प्रमुख विशेषताएँ*
बिजली बिल में भारी बचत: घर पर ही सौर ऊर्जा उत्पादन होने से मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है।
सरकारी सब्सिडी का लाभ: सोलर सिस्टम के सफल इंस्टॉलेशन एवं सक्रिय होने के बाद निर्धारित सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
पूर्ण पारदर्शिता: आवेदन से लेकर सब्सिडी प्राप्ति तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी है।

100 प्रतिशत उपभोक्ता संतुष्टि: योजना का लाभ लेने वाले परिवार अत्यंत संतुष्ट हैं और अन्य लोगों को भी इससे जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण: स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण में कमी तथा हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।
ऋण सुविधा उपलब्ध: आवश्यकता होने पर सोलर प्लांट स्थापना के लिए आसान ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

*आवेदन कैसे करें*
जिले के इच्छुक उपभोक्ता पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अपने निकटतम विद्युत कार्यालय से भी आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता अथवा विद्युत विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

विद्युत विभाग ने गया जिले के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनकल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
Urban Development & Housing Dept, Govt. of Bihar Energy Department, Bihar Sbpdcl Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar Samrat Choudhary

*गया में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना की बड़ी सफलता* *914 घरों की छतों पर लगे सोलर प्लांट, बिजली बिल में भारी राहत; लाभार्थियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति जताया आभार* गया, 14 जुलाई 2026: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी "पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना" गया जिले में तेजी से सफलता की नई इबारत लिख रही है। आम नागरिकों को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने तथा बिजली बिल के आर्थिक बोझ से राहत दिलाने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक जिले के 914 आवासीय उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से जिले में न केवल नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ भारत अभियान को भी नई गति मिल रही है। सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद अधिकांश लाभार्थियों के मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है तथा कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग नगण्य हो गया है। लाभार्थियों में उत्साह, सरकार के प्रति जताया आभार योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सभी उपभोक्ताओं ने इस पहल को अत्यंत लाभकारी और जनहितकारी बताते हुए भारत सरकार तथा विद्युत विभाग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। लाभार्थियों का कहना है कि पहले जहां हर महीने बिजली बिल का अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था, वहीं अब सौर ऊर्जा के माध्यम से घर की अधिकांश बिजली आवश्यकता पूरी हो रही है। इससे परिवार की मासिक बचत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उपभोक्ताओं ने यह भी बताया कि योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार द्वारा स्वीकृत सब्सिडी (अनुदान) की राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल एवं विश्वासपूर्ण बनी। समय पर सब्सिडी मिलने से आम लोगों में इस योजना के प्रति विश्वास और उत्साह लगातार बढ़ रहा है। *कार्यपालक अभियंता की अपील* *विद्युत विभाग, गया के कार्यपालक अभियंता ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि*— "पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना गया जिले के प्रत्येक परिवार के लिए एक सुनहरा अवसर है। सभी नागरिक इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कराएं और बिजली बिल के बोझ से स्थायी राहत प्राप्त करें। सरकार द्वारा दी जा रही आकर्षक सब्सिडी का लाभ लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें तथा स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल गया के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।" *योजना की प्रमुख विशेषताएँ* बिजली बिल में भारी बचत: घर पर ही सौर ऊर्जा उत्पादन होने से मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। सरकारी सब्सिडी का लाभ: सोलर सिस्टम के सफल इंस्टॉलेशन एवं सक्रिय होने के बाद निर्धारित सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। पूर्ण पारदर्शिता: आवेदन से लेकर सब्सिडी प्राप्ति तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी है। 100 प्रतिशत उपभोक्ता संतुष्टि: योजना का लाभ लेने वाले परिवार अत्यंत संतुष्ट हैं और अन्य लोगों को भी इससे जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण: स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण में कमी तथा हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। ऋण सुविधा उपलब्ध: आवश्यकता होने पर सोलर प्लांट स्थापना के लिए आसान ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। *आवेदन कैसे करें* जिले के इच्छुक उपभोक्ता पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अपने निकटतम विद्युत कार्यालय से भी आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता अथवा विद्युत विभाग के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। विद्युत विभाग ने गया जिले के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनकल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। Urban Development & Housing Dept, Govt. of Bihar Energy Department, Bihar Sbpdcl Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar Samrat Choudhary

Gaya, Bihar | Jul 14, 2026

पितृपक्ष मेला दुनिया की आस्था का केंद्र, श्रद्धालुओं को न हो किसी प्रकार से परेशानी : मेयर

 मेयर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में पितृपक्ष मेला की तैयारी को लेकर बैठक हुई संपन्न, 15 वाटर स्टैंड पोस्ट, सोलर वाटर एटीएम और चार्जिंग प्वाइंट की होगी व्यवस्था

गयाजी। विश्वविख्यात पितृपक्ष मेला-2026 को इस बार पहले से अधिक भव्य, हाईटेक और विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में गया नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को नगर निगम सभागार में मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन समिति सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया।
बैठक में आगामी 26 सितंबर से प्रारंभ होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई और तीर्थयात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। मेयर गणेश पासवान ने स्पष्ट किया कि इस बार मेले की व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

पितृपक्ष मेला दुनिया की आस्था का केंद्र, श्रद्धालुओं को न हो किसी प्रकार से परेशानी : मेयर

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल गयाजी की पहचान नहीं, बल्कि पूरे विश्व के सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान के लिए गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को पेयजल, सफाई, प्रकाश या अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।

15 वाटर स्टैंड पोस्ट, सोलर वाटर एटीएम और चार्जिंग प्वाइंट की होगी व्यवस्था

बैठक में निर्णय लिया गया कि मेला क्षेत्र के 15 प्रमुख स्थानों पर वाटर स्टैंड पोस्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को चौबीसों घंटे स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध रहेगा।

इसके अलावा मेला क्षेत्र में सोलर वाटर एटीएम, आधुनिक मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।

पितृपक्ष मेला की व्यवस्था वर्ल्ड क्लास और हाईटेक होनी चाहिए : नगर आयुक्त

नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने कहा कि नगर निगम की पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता पितृपक्ष मेला है। एक पखवाड़े तक चलने वाले इस विश्वप्रसिद्ध मेले में लाखों श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। इसलिए इस बार नगर निगम का लक्ष्य मेला व्यवस्था को वर्ल्ड क्लास बनाना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

नगर आयुक्त ने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में आधुनिक मशीनों एवं आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से 24 घंटे सफाई अभियान चलाया जाएगा। कचरा संग्रहण, शौचालयों की सफाई और स्वच्छता की लगातार निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

एलईडी, लेजर लाइट शो और डिजिटल प्रस्तुति से मिलेगा धार्मिक विरासत का परिचय : मोहन श्रीवास्तव

बैठक में समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि आयोजित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार मेला क्षेत्र को अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सजाया जाएगा। प्रमुख मार्गों, धार्मिक स्थलों और पिंडदान स्थलों पर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
साथ ही फल्गु नदी स्थित लेजर लाइट शो के माध्यम से श्रद्धालुओं को गयाजी, विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, बोधगया तथा यहां की धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत की जानकारी दी जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव के साथ-साथ गयाजी की सांस्कृतिक पहचान से भी रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

सफाई नाव से होगी फल्गु नदी की सफाई

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पितृपक्ष मेले से पहले फल्गु नदी की सफाई नावों के माध्यम से कराई जाएगी। नदी में जमा गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाया जाएगा, ताकि पिंडदान करने आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और पवित्र जल उपलब्ध हो सके तथा धार्मिक अनुष्ठानों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

होडिंग, बैनर और सेल्फी प्वाइंट से सजेगा पूरा मेला क्षेत्र

सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि इस बार पूरा मेला क्षेत्र आकर्षक होडिंग, बैनर और स्वागत द्वारों से सजाया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों का भव्य स्वागत किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि ब्रह्मसत्य सरोवर में वर्षों से बंद पड़े लाइट एंड साउंड सिस्टम को पुनः चालू कराया जाएगा। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को गयाजी और बोधगया के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट, एलईडी डिस्प्ले और आकर्षक सजावट की जाएगी, जिससे मेले का स्वरूप आधुनिक और पर्यटन अनुकूल दिखाई देगा।

नालों की सफाई और जलजमाव रोकने पर विशेष जोर

बैठक में मॉनसून को देखते हुए शहर के नालों और नालियों की सफाई की भी समीक्षा की गई। स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार ने बताया कि शहर में कुल 338 नाले और नालियां हैं, जिनमें से 305 की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष नालों की सफाई भी जल्द पूरी कर ली जाएगी।
इस पर समिति सदस्य सारिका कुमारी ने नदारागंज नाले की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां अब तक संतोषजनक कार्य नहीं हुआ है। यदि शीघ्र सफाई नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। 

बैठक में पितृपक्ष मेला की तैयारियों के अलावा शहर के विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें प्रमुख रूप से—
शहर के आठ तालाबों के सौंदर्यीकरण की योजना पर विस्तार से चर्चा।

नगर निगम के 1 से 46 वार्डों में नए पुस्तकालय (लाइब्रेरी) भवनों के निर्माण एवं कई योजनाओं के कार्य प्रारंभ करने पर सहमति।

पितृपक्ष मेला-2026 को हाईटेक और आधुनिक स्वरूप देने के प्रस्ताव को स्वीकृति।

शहर के सभी नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित करने का निर्णय। टूटे हुए नालों और सड़कों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य कराने पर जोर। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, समिति सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद कुमार यादव, मनोज कुमार, उपेंद्र कुमार सिंह, सारिका कुमारी, चुन्नु खान, तबस्सुम परवीन सहित नगर निगम के अधिकारी, अभियंता (जेई, एई) एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
#gayadastak 
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#पितृपक्ष

पितृपक्ष मेला दुनिया की आस्था का केंद्र, श्रद्धालुओं को न हो किसी प्रकार से परेशानी : मेयर मेयर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में पितृपक्ष मेला की तैयारी को लेकर बैठक हुई संपन्न, 15 वाटर स्टैंड पोस्ट, सोलर वाटर एटीएम और चार्जिंग प्वाइंट की होगी व्यवस्था गयाजी। विश्वविख्यात पितृपक्ष मेला-2026 को इस बार पहले से अधिक भव्य, हाईटेक और विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में गया नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को नगर निगम सभागार में मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन समिति सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। बैठक में आगामी 26 सितंबर से प्रारंभ होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई और तीर्थयात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। मेयर गणेश पासवान ने स्पष्ट किया कि इस बार मेले की व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। पितृपक्ष मेला दुनिया की आस्था का केंद्र, श्रद्धालुओं को न हो किसी प्रकार से परेशानी : मेयर बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल गयाजी की पहचान नहीं, बल्कि पूरे विश्व के सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के पिंडदान के लिए गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को पेयजल, सफाई, प्रकाश या अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। 15 वाटर स्टैंड पोस्ट, सोलर वाटर एटीएम और चार्जिंग प्वाइंट की होगी व्यवस्था बैठक में निर्णय लिया गया कि मेला क्षेत्र के 15 प्रमुख स्थानों पर वाटर स्टैंड पोस्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को चौबीसों घंटे स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा मेला क्षेत्र में सोलर वाटर एटीएम, आधुनिक मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। पितृपक्ष मेला की व्यवस्था वर्ल्ड क्लास और हाईटेक होनी चाहिए : नगर आयुक्त नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने कहा कि नगर निगम की पहली और सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता पितृपक्ष मेला है। एक पखवाड़े तक चलने वाले इस विश्वप्रसिद्ध मेले में लाखों श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। इसलिए इस बार नगर निगम का लक्ष्य मेला व्यवस्था को वर्ल्ड क्लास बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में आधुनिक मशीनों एवं आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से 24 घंटे सफाई अभियान चलाया जाएगा। कचरा संग्रहण, शौचालयों की सफाई और स्वच्छता की लगातार निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। एलईडी, लेजर लाइट शो और डिजिटल प्रस्तुति से मिलेगा धार्मिक विरासत का परिचय : मोहन श्रीवास्तव बैठक में समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि आयोजित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार मेला क्षेत्र को अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सजाया जाएगा। प्रमुख मार्गों, धार्मिक स्थलों और पिंडदान स्थलों पर एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। साथ ही फल्गु नदी स्थित लेजर लाइट शो के माध्यम से श्रद्धालुओं को गयाजी, विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, बोधगया तथा यहां की धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत की जानकारी दी जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुभव के साथ-साथ गयाजी की सांस्कृतिक पहचान से भी रूबरू होने का अवसर मिलेगा। सफाई नाव से होगी फल्गु नदी की सफाई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पितृपक्ष मेले से पहले फल्गु नदी की सफाई नावों के माध्यम से कराई जाएगी। नदी में जमा गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाया जाएगा, ताकि पिंडदान करने आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और पवित्र जल उपलब्ध हो सके तथा धार्मिक अनुष्ठानों में किसी प्रकार की बाधा न आए। होडिंग, बैनर और सेल्फी प्वाइंट से सजेगा पूरा मेला क्षेत्र सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि इस बार पूरा मेला क्षेत्र आकर्षक होडिंग, बैनर और स्वागत द्वारों से सजाया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों का भव्य स्वागत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रह्मसत्य सरोवर में वर्षों से बंद पड़े लाइट एंड साउंड सिस्टम को पुनः चालू कराया जाएगा। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को गयाजी और बोधगया के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट, एलईडी डिस्प्ले और आकर्षक सजावट की जाएगी, जिससे मेले का स्वरूप आधुनिक और पर्यटन अनुकूल दिखाई देगा। नालों की सफाई और जलजमाव रोकने पर विशेष जोर बैठक में मॉनसून को देखते हुए शहर के नालों और नालियों की सफाई की भी समीक्षा की गई। स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार ने बताया कि शहर में कुल 338 नाले और नालियां हैं, जिनमें से 305 की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष नालों की सफाई भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। इस पर समिति सदस्य सारिका कुमारी ने नदारागंज नाले की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां अब तक संतोषजनक कार्य नहीं हुआ है। यदि शीघ्र सफाई नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। बैठक में पितृपक्ष मेला की तैयारियों के अलावा शहर के विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें प्रमुख रूप से— शहर के आठ तालाबों के सौंदर्यीकरण की योजना पर विस्तार से चर्चा। नगर निगम के 1 से 46 वार्डों में नए पुस्तकालय (लाइब्रेरी) भवनों के निर्माण एवं कई योजनाओं के कार्य प्रारंभ करने पर सहमति। पितृपक्ष मेला-2026 को हाईटेक और आधुनिक स्वरूप देने के प्रस्ताव को स्वीकृति। शहर के सभी नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित करने का निर्णय। टूटे हुए नालों और सड़कों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य कराने पर जोर। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, समिति सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद कुमार यादव, मनोज कुमार, उपेंद्र कुमार सिंह, सारिका कुमारी, चुन्नु खान, तबस्सुम परवीन सहित नगर निगम के अधिकारी, अभियंता (जेई, एई) एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। #gayadastak #GayaNews #गयाजी #gaya #गया_हो. #पितृपक्ष

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 14, 2026

अवैध बालू ढुलाई बनी 17 साल के किशोर की मौत का कारण? हादसे के बाद ट्रैक्टर लेकर फरार होने का आरोप; गया में परिजनों ने उठाए बड़े सवाल

गया जिले के कोठी थाना क्षेत्र में देर रात हुआ हादसा, मृतक के परिवार ने अवैध बालू कारोबार पर कार्रवाई, दोषियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की; पुलिस ने कहा– एफआईआर दर्ज, सभी पहलुओं की जांच जारी

गया। गया जिले के कोठी थाना क्षेत्र के मौलागंज गांव में मंगलवार को अहले सुबह अवैध बालू ढुलाई के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। घटना अहले सुबह बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान रंजीत कुमार चौधरी (17) के रूप में हुई है। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने चालक एवं ट्रैक्टर मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दुर्घटना के बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही चालक और ट्रैक्टर मालिक वाहन लेकर फरार हो गए, जबकि घायल किशोर को घटनास्थल पर ही छोड़ दिया गया।

मृतक के पिता का नाम पाहन चौधरी और माता का नाम राजमनिया देवी है। परिवार के अनुसार रंजीत छह भाई-बहनों में एक था। उसकी असामयिक मौत से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में भी शोक का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस ट्रैक्टर से अवैध बालू की ढुलाई की जा रही थी, उसका मालिक लड्डन खान, पिता हबीब, निवासी गुलरियाडीह है। उनका कहना है कि हादसे के बाद चालक और ट्रैक्टर मालिक मौके से ट्रैक्टर लेकर चले गए, ऐसा परिजन आरोप लगा रहे हैं जो जांच का विषय है। 

कुछ लोगों का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाने के लिए आर्यन इवेंट्स के मालिक सुचित कुमार की जेसीबी का इस्तेमाल किया गया, जबकि अन्य लोगों का दावा है कि मौके पर मौजूद जेसीबी अजमत खान की थी। घटना की सूचना मिलते ही कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल किशोर को तत्काल अस्पताल भेजा, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

घटना के बाद ग्रामीणों और मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर कथित अवैध बालू खनन और ढुलाई का खेल चल रहा है। उनका कहना है कि हर रात दर्जनों ट्रैक्टर बालू लेकर गुजरते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते इस पर सख्ती होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।

परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चालक और ट्रैक्टर मालिक की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, कथित अवैध बालू कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने तथा मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने से ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

इधर, कोठी थाना अध्यक्ष का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सभी तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, ट्रैक्टर चालक की भूमिका क्या थी और अवैध बालू ढुलाई के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अवैध बालू ढुलाई बनी 17 साल के किशोर की मौत का कारण? हादसे के बाद ट्रैक्टर लेकर फरार होने का आरोप; गया में परिजनों ने उठाए बड़े सवाल गया जिले के कोठी थाना क्षेत्र में देर रात हुआ हादसा, मृतक के परिवार ने अवैध बालू कारोबार पर कार्रवाई, दोषियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की; पुलिस ने कहा– एफआईआर दर्ज, सभी पहलुओं की जांच जारी गया। गया जिले के कोठी थाना क्षेत्र के मौलागंज गांव में मंगलवार को अहले सुबह अवैध बालू ढुलाई के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। घटना अहले सुबह बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान रंजीत कुमार चौधरी (17) के रूप में हुई है। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने चालक एवं ट्रैक्टर मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दुर्घटना के बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही चालक और ट्रैक्टर मालिक वाहन लेकर फरार हो गए, जबकि घायल किशोर को घटनास्थल पर ही छोड़ दिया गया। मृतक के पिता का नाम पाहन चौधरी और माता का नाम राजमनिया देवी है। परिवार के अनुसार रंजीत छह भाई-बहनों में एक था। उसकी असामयिक मौत से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में भी शोक का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस ट्रैक्टर से अवैध बालू की ढुलाई की जा रही थी, उसका मालिक लड्डन खान, पिता हबीब, निवासी गुलरियाडीह है। उनका कहना है कि हादसे के बाद चालक और ट्रैक्टर मालिक मौके से ट्रैक्टर लेकर चले गए, ऐसा परिजन आरोप लगा रहे हैं जो जांच का विषय है। कुछ लोगों का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाने के लिए आर्यन इवेंट्स के मालिक सुचित कुमार की जेसीबी का इस्तेमाल किया गया, जबकि अन्य लोगों का दावा है कि मौके पर मौजूद जेसीबी अजमत खान की थी। घटना की सूचना मिलते ही कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल किशोर को तत्काल अस्पताल भेजा, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों और मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर कथित अवैध बालू खनन और ढुलाई का खेल चल रहा है। उनका कहना है कि हर रात दर्जनों ट्रैक्टर बालू लेकर गुजरते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते इस पर सख्ती होती तो शायद यह हादसा नहीं होता। परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चालक और ट्रैक्टर मालिक की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, कथित अवैध बालू कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने तथा मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने से ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इधर, कोठी थाना अध्यक्ष का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सभी तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, ट्रैक्टर चालक की भूमिका क्या थी और अवैध बालू ढुलाई के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जाएगी। #gayadastak #गयाजी #GayaNews #GayaPolice #gaya #Crime #GayaPolice

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 14, 2026

ज़िला पदाधिकारी ने दैनिक जनता दरबार में सुनी आमजनों की समस्याएँ: समस्याओं का हुआ ऑन द स्पॉट निवारण*

जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता स्तर पर निष्पादन हेतु पदाधिकारियों को दिया निर्देश

गया: जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने समाहरणालय स्थित कार्यालय में आये अनेको व्यक्तियों की समस्या को सुना गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 25 से अधिक आमजनों की समस्याएँ सुनीं। 
इस अवसर पर भूमि विवाद, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें, पेंशन योजना, मुआवजा, शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों समेत अन्य मामलों को लोगों ने जिलाधिकारी के समक्ष रखा।

ज़िलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का त्वरित एवं निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
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ज़िला पदाधिकारी ने दैनिक जनता दरबार में सुनी आमजनों की समस्याएँ: समस्याओं का हुआ ऑन द स्पॉट निवारण* जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता स्तर पर निष्पादन हेतु पदाधिकारियों को दिया निर्देश गया: जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने समाहरणालय स्थित कार्यालय में आये अनेको व्यक्तियों की समस्या को सुना गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लगभग 25 से अधिक आमजनों की समस्याएँ सुनीं। इस अवसर पर भूमि विवाद, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतें, पेंशन योजना, मुआवजा, शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों समेत अन्य मामलों को लोगों ने जिलाधिकारी के समक्ष रखा। ज़िलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का त्वरित एवं निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें। #गयाजी #gaya. #gayadastak #GayaNews

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 14, 2026

मोहनपुर प्रखंड सिंधुगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रामचक के 59 वर्षीय खेलावन मांझी को आहर में डूबने सोई मौत - Gaya Town CD Block News