जिला के देवसर में एक ओर किसान कभी अतिवृष्टि, कभी सिंचाई के लिए पानी की कमी, तो कभी गुणवत्ताहीन बीज की समस्या से जूझते हुए आत्मसंघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों की दुर्दशा भी किसी से छिपी नहीं है। सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए योजनाओं और दावों की भरमार है, लेकिन ज़मीनी सच्चाई इन दावों से मेल नहीं खाती दिख रही।